विस्तृत उत्तर
सूर्य को अर्घ्य देते समय सबसे सरल और प्रभावी मंत्र 'ॐ सूर्याय नमः' है। इसके अलावा 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' का जप करना भी अत्यंत तेजस्वी माना गया है। अर्घ्य देते समय तांबे के पात्र का उपयोग करना चाहिए और जल की गिरती धारा के बीच से सूर्य देव के दर्शन करने चाहिए। यदि संभव हो, तो भगवान सूर्य के १२ नामों (जैसे मित्र, रवि, भानु आदि) का उच्चारण करना चाहिए। यह क्रिया नेत्र ज्योति बढ़ाती है, मान-सम्मान में वृद्धि करती है और शरीर को आरोग्य प्रदान करती है। शास्त्रों में सूर्य को प्रत्यक्ष देव माना गया है, जिनकी उपासना तुरंत फल देने वाली है।





