विस्तृत उत्तर
सूर्य ग्रह आत्मा, पिता, सरकार, यश, स्वास्थ्य और नेतृत्व का कारक है। अशुभ सूर्य से नेत्र रोग, पिता से कलह, सरकारी कार्यों में बाधा, आत्मविश्वास की कमी होती है।
सूर्य शांति पूजा विधि
1. शुभ दिन: रविवार। सूर्य संक्रांति, रथ सप्तमी विशेष शुभ।
2. सूर्य अर्घ्य (सबसे सरल नित्य उपाय): प्रतिदिन प्रातःकाल ताम्बे के लोटे में जल, लाल पुष्प, लाल चन्दन, अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। मंत्र: 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।'
3. मंत्र जप: सूर्य बीज मंत्र — 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' का 7,000 जप। गायत्री मंत्र भी सूर्य उपासना है।
4. हवन: मदार (आक) की समिधा से हवन। गेहूँ, गुड़, लाल चन्दन, घी की आहुतियाँ।
5. आदित्य हृदय स्तोत्र: वाल्मीकि रामायण (युद्धकांड) में वर्णित आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ सूर्य शांति का सर्वश्रेष्ठ उपाय है।
6. दान: गेहूँ, गुड़, ताँबे का बर्तन, लाल वस्त्र, माणिक्य रत्न (ज्योतिषी सलाह)।
7. रविवार व्रत: रविवार का व्रत, एक समय भोजन, गुड़ सहित।
8. सूर्य नमस्कार: प्रतिदिन 12 सूर्य नमस्कार करना सूर्य ग्रह शांति का प्रभावी शारीरिक-आध्यात्मिक उपाय है।





