विस्तृत उत्तर
मंगल ग्रह ऊर्जा, साहस, भूमि और भाई-बहनों का कारक है। अशुभ मंगल से रक्त विकार, दुर्घटना, भूमि विवाद, वैवाहिक कलह होती है।
सर्वोत्तम पूजा विधान
1. मंगल ग्रह शांति हवन: खैर (खदिर) की समिधा, लाल चन्दन, मसूर, गुड़ से हवन। 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' — 10,000 जप सहित दशांश हवन।
2. हनुमान पूजा (सर्वश्रेष्ठ उपाय): हनुमान जी मंगल के अधिपति और रक्षक हैं। मंगलवार को हनुमान चालीसा, सुन्दरकाण्ड पाठ, बजरंग बाण। हनुमान मंदिर में सिन्दूर और चमेली तेल अर्पण।
3. मंगलनाथ मंदिर पूजा (उज्जैन): उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है। यहाँ की भात पूजा मांगलिक दोष निवारण के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध है।
4. मंगल स्तोत्र पाठ: 'धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्। कुमारं शक्तिहस्तं च मंगलं प्रणमाम्यहम्।'
5. दान: लाल मसूर, गुड़, लाल वस्त्र, ताँबे के बर्तन, गेहूँ, लाल मूँगा (ज्योतिषी सलाह से)।
6. मंगलवार व्रत: मंगलवार का नियमित व्रत। लाल वस्त्र धारण। हनुमान जी को बूँदी लड्डू का भोग।
7. भूमि सम्बंधी उपाय: मंगल भूमि कारक है — गरीबों को अन्नदान, गौसेवा विशेष लाभकारी।
विशेष: मांगलिक दोष और सामान्य मंगल दोष में अंतर है। मांगलिक विवाह सम्बन्धी विशिष्ट दोष है, जबकि मंगल ग्रह शांति सामान्य रूप से अशुभ मंगल के सभी प्रभावों की शांति के लिए है।





