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अर्घ्य प्रश्नोत्तरी — 9 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित अर्घ्य विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 9 प्रश्न

श्राद्ध एवं पितृकर्म

श्राद्ध में अर्घ्य देने की विधि क्या है?

श्राद्ध में अर्घ्य (तर्पण) की विधि में दक्षिण मुख, अपसव्य स्थिति में, तांबे-चाँदी के पात्र में जल-तिल-कुश मिलाकर पितरों का नाम-गोत्र लेते हुए जल छोड़ा जाता है। अपराह्न का समय श्रेष्ठ माना गया है।

अर्घ्यश्राद्ध विधितर्पण
व्रत एवं त्योहार

छठ पूजा में अर्घ्य देने की विधि क्या है?

छठ में दो अर्घ्य होते हैं — तीसरे दिन संध्या में डूबते सूर्य को और चौथे दिन उगते सूर्य को। बाँस के सूप में प्रसाद सजाकर, जल में खड़े होकर तांबे के लोटे से जल-दूध मिश्रित अर्घ्य दिया जाता है। 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र के साथ हाथ सिर के ऊपर रखकर सूर्य को अर्पण किया जाता है।

छठ पूजाअर्घ्यसूर्य उपासना
सूर्य

सूर्य देव को अर्घ्य देते समय किस मंत्र का जप करना चाहिए

सूर्य अर्घ्य के समय 'ॐ सूर्याय नमः' या सूर्य के १२ नामों का जप करना सौभाग्य और आरोग्य प्रदान करता है।

सूर्यअर्घ्यआरोग्य
त्योहार पूजा

छठ पूजा में कौन कौन से फल अर्पित करने चाहिए?

छठ फल: केला, नारियल, गन्ना, सुथनी (अनिवार्य)। सीताफल, सेब, संतरा, अमरूद, नींबू। + ठेकुआ, चावल, पान। बाँस सूप। ताजा-शुद्ध।

छठ पूजाफलअर्घ्य
त्योहार पूजा

छठ पूजा में सूप में कौन कौन सी सामग्री रखें?

सूप सामग्री: ठेकुआ, केला, नारियल, गन्ना, सुथनी, सीताफल, नींबू, सेब, अदरक, हल्दी, चावल, पान-सुपारी, सिन्दूर, दीपक, कलावा। बाँस सूप (प्लास्टिक नहीं)। नया, शुद्ध, ताजा। सिर पर उठाकर अर्घ्य।

छठसूपअर्घ्य
ग्रह दोष शांति

सूर्य ग्रह शांति पूजा कैसे करवाएं?

सूर्य शांति: प्रतिदिन ताम्बे से सूर्य अर्घ्य (सबसे सरल) → 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' 7000 जप → मदार समिधा से हवन → आदित्य हृदय स्तोत्र (सर्वश्रेष्ठ) → दान (गेहूँ, गुड़, ताँबा) → रविवार व्रत → सूर्य नमस्कार।

सूर्य ग्रहसूर्य शांतिआदित्य
पूजा रहस्य

पूजा में जल क्यों अर्पित किया जाता है?

जल क्यों: पंचतत्व में जल का अर्पण। आचमन = शुद्धि; पाद्य = चरण प्रक्षालन; अर्घ्य = सम्मान। ऋग्वेद: 'जल कल्याणकारी है।' प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पण — कृतज्ञता। तांबे के पात्र से 'इदं पाद्यं समर्पयामि' बोलते हुए।

जल अर्पणअर्घ्यजल तत्व
पूजा विधि

रविवार को सूर्य देव की पूजा कैसे करें?

सूर्योदय पर तांबे लोटे से अर्घ्य (जल+रोली+लाल फूल), 'ॐ सूर्याय नमः' 11 बार, आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्य नमस्कार। गुड़+गेहूँ दान। खड़े होकर अर्घ्य। लाभ: स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, सरकारी सफलता।

रविवारसूर्य पूजाअर्घ्य
पूजा विधि

सूर्य देव की पूजा विधि?

प्रातः तांबा लोटा जल+फूल+अक्षत→सूर्य ओर धारा→'ॐ सूर्याय' 7 बार। 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय' 108। आदित्य हृदय स्तोत्र। रविवार/छठ/संक्रांति। सरल: 1 लोटा जल=पर्याप्त।

सूर्यपूजाअर्घ्य

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।