विस्तृत उत्तर
रविवार सूर्यदेव का दिन है — सूर्य पूजा से आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, यश और अधिकार बढ़ता है।
पूजा विधि
- 1सूर्योदय से पहले उठें, स्नान करें।
- 2तांबे के लोटे में जल + लाल फूल + रोली + लाल चंदन डालें।
- 3सूर्यदेव की ओर (पूर्व दिशा) मुख करके खड़े हों।
- 4अर्घ्य (जल) सूर्य को अर्पित करें — ऊपर से धीरे-धीरे जल गिराएँ, सूर्य किरणों से जल में इंद्रधनुष दिखे।
- 5*'ॐ सूर्याय नमः'* 11 बार या आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ करें।
- 6सूर्य नमस्कार (12 आसन) — शारीरिक+आध्यात्मिक दोनों लाभ।
- 7गुड़ + गेहूँ + लाल वस्तु दान करें।
सूर्य मंत्र
- ▸*'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः'*
- ▸गायत्री मंत्र (सविता = सूर्य)।
- ▸आदित्य हृदय स्तोत्र — रामायण में अगस्त्य मुनि ने राम को रावण वध से पहले सुनाया।
लाभ: स्वास्थ्य, नेत्र ज्योति, आत्मविश्वास, सरकारी कार्य में सफलता, पिता सुख।
ध्यान दें: सूर्य को अर्घ्य हमेशा खड़े होकर दें, बैठकर नहीं।





