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पूजा विधि📜 सूर्य उपासना विधान, ज्योतिष2 मिनट पठन

रविवार को सूर्य देव की पूजा कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

सूर्योदय पर तांबे लोटे से अर्घ्य (जल+रोली+लाल फूल), 'ॐ सूर्याय नमः' 11 बार, आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्य नमस्कार। गुड़+गेहूँ दान। खड़े होकर अर्घ्य। लाभ: स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, सरकारी सफलता।

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विस्तृत उत्तर

रविवार सूर्यदेव का दिन है — सूर्य पूजा से आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, यश और अधिकार बढ़ता है।

पूजा विधि

  1. 1सूर्योदय से पहले उठें, स्नान करें।
  2. 2तांबे के लोटे में जल + लाल फूल + रोली + लाल चंदन डालें।
  3. 3सूर्यदेव की ओर (पूर्व दिशा) मुख करके खड़े हों।
  4. 4अर्घ्य (जल) सूर्य को अर्पित करें — ऊपर से धीरे-धीरे जल गिराएँ, सूर्य किरणों से जल में इंद्रधनुष दिखे।
  5. 5*'ॐ सूर्याय नमः'* 11 बार या आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ करें।
  6. 6सूर्य नमस्कार (12 आसन) — शारीरिक+आध्यात्मिक दोनों लाभ।
  7. 7गुड़ + गेहूँ + लाल वस्तु दान करें।

सूर्य मंत्र

  • *'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः'*
  • गायत्री मंत्र (सविता = सूर्य)।
  • आदित्य हृदय स्तोत्र — रामायण में अगस्त्य मुनि ने राम को रावण वध से पहले सुनाया।

लाभ: स्वास्थ्य, नेत्र ज्योति, आत्मविश्वास, सरकारी कार्य में सफलता, पिता सुख।

ध्यान दें: सूर्य को अर्घ्य हमेशा खड़े होकर दें, बैठकर नहीं।

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शास्त्रीय स्रोत
सूर्य उपासना विधान, ज्योतिष
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