तत्पुरुष फलध्यान और इन्द्रिय संयम से पाप कैसे दूर होते हैं?नियतात्मा, ध्यानपरायण और जितेन्द्रिय होकर महेश्वर की शरण लेने से सभी पाप दूर होते हैं।#ध्यान#इन्द्रिय संयम#जितेन्द्रिय
योग और वैराग्यशम का लक्षण क्या है?जिसकी इन्द्रियाँ अपने या दूसरे के लिये मिथ्या प्रवृत्त नहीं होतीं, उसमें शम का लक्षण है।#शम#इन्द्रिय संयम#मिथ्या प्रवृत्ति
साधु और संतजितेन्द्रिय व्यक्ति कैसा होता है?जो इन्द्रिय-विषयों या ऐश्वर्यों की अप्राप्ति पर क्रोध नहीं करता और प्राप्ति पर हर्षित नहीं होता, वह जितात्मा है।#जितेन्द्रिय#इन्द्रिय संयम#ऐश्वर्य
प्रत्याहार और ध्यानइन्द्रियों को विषयों से कैसे हटाया जाता है?विषयों में आसक्त इन्द्रियों को शीघ्र उनसे हटाकर इन्द्रियों पर नियंत्रण करना प्रत्याहार है।#प्रत्याहार#इन्द्रियनिग्रह#विषय
वैराग्यकामनाएं भोग से क्यों बढ़ती हैं?कामना भोग से शांत नहीं होती; वह अग्नि में आहुति डालने की तरह और बढ़ती है।#कामना#भोग#अग्नि उपमा