लोकभुवर्लोक में रहने वाले जीव पुनः पृथ्वी पर क्यों जन्म लेते हैं?त्रिगुणात्मक बंधन, पुण्यों का क्षीण होना और गीता का यह वचन कि सभी लोक पुनरावर्ती हैं — इन कारणों से भुवर्लोक के जीव पुनः पृथ्वी पर जन्म लेते हैं।#भुवर्लोक#पुनर्जन्म#त्रिगुण
लोकभुवर्लोक में भूत-प्रेत क्यों भटकते हैं?कर्म-बंधन, अकाल मृत्यु या भौतिक आसक्ति के कारण जो आत्माएं पृथ्वी के मोह से मुक्त नहीं हो पातीं वे सूक्ष्म शरीर में भुवर्लोक में भटकती रहती हैं।#भुवर्लोक
सिद्धियाँ और लाभत्रिपुर भैरवी साधना से मोक्ष कैसे मिलता है?माँ भैरवी की नित्य प्रलय शक्ति साधक के अज्ञान, अहंकार और कर्म-संस्कारों का नाश करती है — जिससे वह जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त होकर परमानंद (मोक्ष) प्राप्त करता है।#मोक्ष प्राप्ति#कर्म बंधन#अज्ञान नाश
असितांग भैरव मंत्र'सर्व शाप निवर्तिताय' का क्या अर्थ है?'सर्व शाप निवर्तिताय' का अर्थ है 'सभी प्रकार के श्राप और कर्म बंधनों का निवारण करने वाले' — यह मंत्र शापजन्य असाध्य रोगों की जड़ को नष्ट करता है।#सर्व शाप निवर्तिताय#शाप निवारण#कर्म बंधन
कालसर्प दोष: परिचय और कारणकेतु का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?केतु अतीत के कर्म-बंधन, मोक्ष की छटपटाहट और वैराग्य का प्रतीक है।#केतु#आध्यात्मिक अर्थ#कर्म बंधन