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गर्भ से जुड़े सभी प्रश्न(8)

गर्भ पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 8 प्रश्न उपलब्ध हैं।

श्रीमद्भागवत

धुंधुली को गर्भ से डर क्यों लगा?

धुंधुली को गर्भ से शरीर कमजोर होने, घर का काम रुकने, प्रसव-पीड़ा, नियमों और बाल-पालन के कष्ट का डर लगा।

#धुंधुली#गर्भ#प्रसव
श्रीमद्भागवत

धुंधुली ने फल क्यों नहीं खाया?

धुंधुली ने गर्भ, प्रसव, नियमों और बाल-पालन के कष्टों से डरकर फल नहीं खाया।

#धुंधुली#फल#गर्भ
लोक

वैराज देवगणों को अयोनिज क्यों कहा जाता है?

वे किसी गर्भ से नहीं, ब्रह्मा जी के विराज स्वरूप से प्रकट हुए, इसलिए अयोनिज कहलाते हैं।

#वैराज#अयोनिज#गर्भ
लोक

क्या वैराज देवगणों का जन्म किसी गर्भ से हुआ है?

नहीं, वैराज देवगण अयोनिज हैं; उनका जन्म किसी गर्भ से नहीं हुआ।

#वैराज#अयोनिज#गर्भ
महिला एवं धर्म

गर्भवती स्त्री शिव मंत्र जपे या नहीं

हाँ — शुभ। 'ॐ नमः शिवाय' (शांति), महामृत्युंजय (सुरक्षित प्रसव), गायत्री, गीता। गर्भ संस्कार=शिशु लाभ। उग्र मंत्र टालें। शांति+सात्विक=सर्वोपरि।

#गर्भवती#शिव#मंत्र
षोडश संस्कार

पुंसवन संस्कार कब करना चाहिए

पुंसवन = द्वितीय संस्कार। कब: गर्भ के तीसरे मास में, शुभ नक्षत्र में, गर्भ स्पन्दन से पूर्व। उद्देश्य: गर्भस्थ शिशु की रक्षा, स्वस्थ विकास। विधि: हवन + प्रजापति/विष्णु प्रार्थना + वट शाखा रस (प्रतीकात्मक) + आशीर्वाद। प्रथम गर्भ में प्रमुख। गृह्यसूत्र में विधान।

#पुंसवन#संस्कार#गर्भ
तंत्र उपाय

तंत्र में संतान प्राप्ति के लिए कौन सी साधना बताई गई है?

संतान गोपाल मंत्र ('ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत...')। पुत्रदा एकादशी। स्कंदमाता (दिन 5)। गर्भ गौरी व्रत। शिव-पार्वती। चिकित्सा समानांतर — सहायक, विकल्प नहीं।

#संतान#प्राप्ति#साधना
मंदिर ज्ञान

मंदिर के गर्भगृह की रचना गर्भ जैसी क्यों होती है?

गर्भ=अंधेरा=गर्भगृह। संकीर्ण+3 तरफ बंद। जीवन स्रोत (देवता=ऊर्जा)। भक्त प्रवेश=पुनर्जन्म (शुद्ध)। ऊर्जा concentrated। वास्तु: ब्रह्मस्थान=अधिकतम ऊर्जा।

#गर्भगृह#गर्भ#रचना
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