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विस्तृत उत्तर
वैराज देवगणों का जन्म किसी भौतिक गर्भ से नहीं हुआ है। शास्त्रों में उन्हें अयोनिज देवगण कहा गया है। उनकी उत्पत्ति ब्रह्मा जी के विराट स्वरूप, यानी विराज या हिरण्यगर्भ, से सीधे हुई मानी गई है। इसी कारण वे सामान्य जन्म-मरण की प्रक्रिया से परे हैं और तपोलोक में निवास करने वाली तेजोमय, सात्त्विक और पवित्र सत्ताएँ माने गए हैं।
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