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गर्भ — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

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षोडश संस्कार

पुंसवन संस्कार कब करना चाहिए

पुंसवन = द्वितीय संस्कार। कब: गर्भ के तीसरे मास में, शुभ नक्षत्र में, गर्भ स्पन्दन से पूर्व। उद्देश्य: गर्भस्थ शिशु की रक्षा, स्वस्थ विकास। विधि: हवन + प्रजापति/विष्णु प्रार्थना + वट शाखा रस (प्रतीकात्मक) + आशीर्वाद। प्रथम गर्भ में प्रमुख। गृह्यसूत्र में विधान।

पुंसवनसंस्कारगर्भ
तंत्र उपाय

तंत्र में संतान प्राप्ति के लिए कौन सी साधना बताई गई है?

संतान गोपाल मंत्र ('ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत...')। पुत्रदा एकादशी। स्कंदमाता (दिन 5)। गर्भ गौरी व्रत। शिव-पार्वती। चिकित्सा समानांतर — सहायक, विकल्प नहीं।

संतानप्राप्तिसाधना
मंदिर ज्ञान

मंदिर के गर्भगृह की रचना गर्भ जैसी क्यों होती है?

गर्भ=अंधेरा=गर्भगृह। संकीर्ण+3 तरफ बंद। जीवन स्रोत (देवता=ऊर्जा)। भक्त प्रवेश=पुनर्जन्म (शुद्ध)। ऊर्जा concentrated। वास्तु: ब्रह्मस्थान=अधिकतम ऊर्जा।

गर्भगृहगर्भरचना

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।