योगावतारगोकर्ण और गुहावासी कौन हैं?गोकर्ण और गुहावासी अट्ठाईस योगाचार्यावतारों की सूची में बताए गए नाम हैं।#गोकर्ण#गुहावासी#योगाचार्य
योगावतारअट्ठाईस योगाचार्य अवतार कौन-कौन हैं?अट्ठाईस योगाचार्य अवतार श्वेत से नकुलीश तक बताए गए हैं।#अट्ठाईस योगाचार्य#योगावतार#श्वेत
श्रीमद्भागवतभागवत श्रवण से गोलोक कैसे मिलता है?श्रावण मास में पुनः भागवत सप्ताह के बाद भगवान कृष्ण प्रकट हुए और गोकर्ण सहित श्रोताओं को गोलोक-हरिलोक ले गए।#गोलोक#भागवत श्रवण#गोकर्ण
श्रीमद्भागवतपुत्र मोह क्यों छोड़ना चाहिए?गोकर्ण कहते हैं कि पुत्र-मोह अज्ञान है, मोह से नरक की प्राप्ति होती है और शरीर भी नश्वर है।#पुत्र मोह#गोकर्ण#आत्मदेव
श्रीमद्भागवतगोकर्ण ने संसार को असार क्यों कहा?गोकर्ण ने संसार को दुखरूप, मोहक और क्षणभंगुर कहा; पुत्र, धन और शरीर को स्थायी मानना अज्ञान बताया।#संसार#गोकर्ण#वैराग्य
श्रीमद्भागवतगोकर्ण ने आत्मदेव को क्या समझाया?गोकर्ण ने आत्मदेव को संसार की असारता, पुत्र-धन के मोह का दुख, शरीर की नश्वरता और भजन-साधुसेवा का मार्ग समझाया।#गोकर्ण#आत्मदेव#वैराग्य
श्रीमद्भागवतगोकर्ण और धुंधुकारी में क्या अंतर था?गोकर्ण पंडित और ज्ञानी थे, जबकि धुंधुकारी अत्यंत दुष्ट, आचारहीन, हिंसक और माता-पिता को पीड़ित करने वाला निकला।#गोकर्ण#धुंधुकारी#चरित्र
श्रीमद्भागवतगोकर्ण जन्म पर लोग क्यों चकित हुए?लोग इसलिए चकित हुए कि गाय से मनुष्याकार, सुंदर, दिव्य और सुवर्ण-कांति वाला बालक जन्मा था।#गोकर्ण#अद्भुत जन्म#गाय
श्रीमद्भागवतगोकर्ण नाम क्यों रखा गया?गाय से उत्पन्न उस बालक के कान गाय जैसे थे, इसलिए आत्मदेव ने उसका नाम गोकर्ण रखा।#गोकर्ण#नाम#गाय
श्रीमद्भागवतगोकर्ण कैसे जन्मे?धुंधुली द्वारा संन्यासी का फल गाय को खिलाने के तीन महीने बाद गाय से मनुष्याकार दिव्य बालक उत्पन्न हुआ; वही गोकर्ण थे।#गोकर्ण#जन्म#गाय
श्रीमद्भागवतगाय को फल क्यों खिलाया गया?धुंधुली ने फल स्वयं न खाकर अपनी बहन की सलाह पर परीक्षा के लिये गाय को खिला दिया, जिससे बाद में गोकर्ण जन्मे।#गाय#फल#धुंधुली
लोकसात गांठों वाले बांस का धुन्धुकारी कथा में क्या महत्व है?धुन्धुकारी का प्रेत सात गांठों वाले बांस में था; भागवत कथा से रोज एक गांठ फटी और सातवें दिन उसे मुक्ति मिली।#सात गांठों वाला बांस#धुन्धुकारी#भागवत कथा
लोकभागवत कथा से धुन्धुकारी को मुक्ति कैसे मिली?गोकर्ण के सात दिन के भागवत पारायण से बांस की सात गांठें फटीं और धुन्धुकारी प्रेत योनि से मुक्त होकर वैकुंठ गया।#भागवत कथा#धुन्धुकारी#प्रेत मुक्ति
लोकधुन्धुकारी को गया श्राद्ध से मुक्ति क्यों नहीं मिली?धुन्धुकारी के पाप अत्यंत भयंकर थे, इसलिए गया श्राद्ध से मुक्ति नहीं मिली; उसे भागवत श्रवण से मुक्ति मिली।#धुन्धुकारी#गया श्राद्ध#प्रेत मुक्ति
लोकगोकर्ण कौन थे?गोकर्ण गाय के गर्भ से जन्मे सात्विक दिव्य पुत्र थे, जिन्होंने भागवत पारायण से धुन्धुकारी को प्रेत योनि से मुक्त कराया।#गोकर्ण#धुन्धुकारी#भागवत महापुराण
लोकधुन्धुकारी कौन था?धुन्धुकारी आत्मदेव ब्राह्मण का पालित पुत्र था, जो बड़ा होकर महापापी, हिंसक, दुराचारी और चोर बना।#धुन्धुकारी#भागवत महापुराण#प्रेत कथा