ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

त्रिविक्रम से जुड़े सभी प्रश्न(5)

त्रिविक्रम पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 5 प्रश्न उपलब्ध हैं।

लोक

भगवान वामन के चरण से गंगा का जन्म कैसे हुआ?

भगवान वामन के त्रिविक्रम स्वरूप के बाएं पैर के नाखून से ब्रह्मांड का आवरण टूटा और बाहर का कारण-जल भीतर आया। उस जल पर चरण-स्पर्श से 'विष्णुपदी गंगा' बनी।

#वामन अवतार#गंगा#त्रिविक्रम
लोक

भगवान वामन ने दूसरे पग में क्या नापा?

भगवान वामन ने दूसरे पग में स्वर्ग से सत्यलोक तक संपूर्ण ऊर्ध्व लोकों को नाप लिया।

#दूसरा पग#भगवान वामन#त्रिविक्रम
लोक

भगवान वामन ने पहले पग में क्या नापा?

भगवान वामन ने पहले पग में संपूर्ण पृथ्वी और सभी अधोलोकों को नाप लिया।

#पहला पग#भगवान वामन#त्रिविक्रम
लोक

वामन अवतार का सुतल लोक से क्या संबंध है?

वामन अवतार के बाद भगवान ने राजा बलि को सुतल लोक दिया और स्वयं उनके रक्षक बने; इसलिए सुतल लोक वामन कथा से जुड़ा है।

#वामन अवतार#सुतल लोक#राजा बलि
वैदिक स्वरूप

ऋग्वेद में विष्णु को 'त्रिविक्रम' क्यों कहते हैं?

त्रिविक्रम = तीन पगों से ब्रह्मांड नापने वाले। तीन पद = आकाश, अंतरिक्ष और पृथ्वी में सर्वव्यापी प्रभाव। सूर्य की तीन अवस्थाएं (उदय, मध्य, अस्त) भी। आध्यात्मिक अर्थ: जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति पार कर 'तुरीय' (परम चेतना) में प्रवेश।

#त्रिविक्रम#तीन पग#ऋग्वेद
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।