लोकभगवान वामन के चरण से गंगा का जन्म कैसे हुआ?भगवान वामन के त्रिविक्रम स्वरूप के बाएं पैर के नाखून से ब्रह्मांड का आवरण टूटा और बाहर का कारण-जल भीतर आया। उस जल पर चरण-स्पर्श से 'विष्णुपदी गंगा' बनी।#वामन अवतार#गंगा#त्रिविक्रम
लोकभगवान वामन ने दूसरे पग में क्या नापा?भगवान वामन ने दूसरे पग में स्वर्ग से सत्यलोक तक संपूर्ण ऊर्ध्व लोकों को नाप लिया।#दूसरा पग#भगवान वामन#त्रिविक्रम
लोकभगवान वामन ने पहले पग में क्या नापा?भगवान वामन ने पहले पग में संपूर्ण पृथ्वी और सभी अधोलोकों को नाप लिया।#पहला पग#भगवान वामन#त्रिविक्रम
लोकवामन अवतार का सुतल लोक से क्या संबंध है?वामन अवतार के बाद भगवान ने राजा बलि को सुतल लोक दिया और स्वयं उनके रक्षक बने; इसलिए सुतल लोक वामन कथा से जुड़ा है।#वामन अवतार#सुतल लोक#राजा बलि
वैदिक स्वरूपऋग्वेद में विष्णु को 'त्रिविक्रम' क्यों कहते हैं?त्रिविक्रम = तीन पगों से ब्रह्मांड नापने वाले। तीन पद = आकाश, अंतरिक्ष और पृथ्वी में सर्वव्यापी प्रभाव। सूर्य की तीन अवस्थाएं (उदय, मध्य, अस्त) भी। आध्यात्मिक अर्थ: जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति पार कर 'तुरीय' (परम चेतना) में प्रवेश।#त्रिविक्रम#तीन पग#ऋग्वेद