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विस्तृत उत्तर
भगवान वामन ने अपने दूसरे पग में संपूर्ण ऊर्ध्व लोकों को नाप लिया। इनमें स्वर्ग से लेकर महर्लोक, जनलोक, तपोलोक और सत्यलोक तक के लोक सम्मिलित थे। भगवान का दूसरा पग ब्रह्मांड के ऊपरी आवरण को पार कर गया। सत्यलोक में ब्रह्मा जी ने अपने कमंडलु के जल से भगवान के चरण का प्रक्षालन किया, जिससे परम पावन गंगा, विष्णुपदी, का प्राकट्य हुआ। इस प्रकार दूसरे पग में भगवान ने ऊर्ध्व लोकों को नापकर पूरे ब्रह्मांड में अपनी विराट सत्ता प्रकट की।
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