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विस्तृत उत्तर
भगवान वामन ने त्रिविक्रम रूप धारण करने के बाद अपने पहले ही पग में संपूर्ण पृथ्वी और सभी अधोलोकों को नाप लिया। महाराजा बलि ने भगवान वामन को तीन पग भूमि दान में दी थी। संकल्प होते ही भगवान वामन ने विराट त्रिविक्रम रूप लिया और पहला पग रखते ही पृथ्वी के साथ अधोलोकों को भी अपने चरण से माप लिया। इस प्रकार बलि द्वारा दिया गया दान साधारण भूमि का दान नहीं रहा, बल्कि भगवान ने उसे ब्रह्मांडीय स्तर पर स्वीकार किया।
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