शक्ति उपासनाशक्ति उपासना में वामाचार और दक्षिणाचार में क्या भेद है?
दक्षिणाचार: सात्विक, शुद्ध विधि, सौम्य देवी, सभी के लिए। वामाचार: तांत्रिक, पंचमकार (प्रतीकात्मक/यथार्थ), उग्र देवी, गुरु दीक्षा अनिवार्य। पंचमकार का आध्यात्मिक अर्थ: ज्ञान रस, जिह्वा संयम, प्राणायाम, आसन, कुण्डलिनी मिलन। कौलाचार = सर्वोच्च (अद्वैत)। सामान्य: दक्षिणाचार सुरक्षित।
#वामाचार#दक्षिणाचार#शक्ति