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नाग पाश से जुड़े सभी प्रश्न(5)

नाग पाश पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 5 प्रश्न उपलब्ध हैं।

सावधानियाँ

नाग शक्ति का गलत प्रयोग करने से क्या होता है?

नाग शक्ति का गलत (तामसिक) प्रयोग करने से साधक स्वयं 'नाग-पाश' में और गहरे फँस जाता है और उसका पतन हो जाता है।

#नाग शक्ति#गलत प्रयोग#नाग पाश
शिव-नाग संयुक्त सिद्धांत

कालसर्प शांति का वास्तविक अर्थ क्या है?

कालसर्प शांति का वास्तविक अर्थ है — अपने कर्म-बंधन (नाग-पाश) को पशुपति शिव को अर्पित करना ताकि वे उसे अपने आभूषण के रूप में धारण कर जीव को मुक्त कर दें।

#कालसर्प शांति#नाग पाश#पशुपति
शिव-नाग संयुक्त सिद्धांत

शिव के गले में नाग क्यों होते हैं?

शिव के गले में नाग इसलिए हैं क्योंकि जो बंधन (पाश) सामान्य जीव को बाँधता है, वह शिव के पूर्ण नियंत्रण में है — नाग शिव के आभूषण हैं, भय का कारण नहीं।

#शिव नाग#आभूषण#पशुपति
शिव-नाग संयुक्त सिद्धांत

नाग को पाश क्यों कहा जाता है?

नाग को पाश इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह जीव को कर्म-बंधन में बाँधता है — जो बंधन सामान्य जीव के लिए पाश है, वही शिव के लिए आभूषण है।

#नाग पाश#बंधन#कर्म
कालसर्प दोष: परिचय और कारण

राहु और केतु कालसर्प दोष में क्या भूमिका निभाते हैं?

राहु (सर्प का मुख) और केतु (सर्प की पूंछ) कर्म-फल के दण्ड-अधिकारी हैं — इनके मध्य सभी ग्रहों के फँसने से कालसर्प दोष बनता है।

#राहु केतु#कालसर्प दोष#छाया ग्रह
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