व्रत एवं उपवासनिर्जला एकादशी व्रत की विधि
निर्जला एकादशी ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को होती है। इसमें पूरे दिन जल और अन्न दोनों त्यागे जाते हैं। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान, पीले वस्त्र, विष्णु पूजा, तुलसी, जल दान और रात्रि जागरण इसके मुख्य अंग हैं। इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं।
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