पूजा नियमपूजा का प्रसाद कुत्ते बिल्ली को दे सकते हैं या नहीं?हाँ, दे सकते हैं — सभी प्राणी ईश्वर का अंश हैं। गाय को देना सर्वमान्य शुभ है, कुत्ता भैरव का वाहन है। विशेष नैवेद्य पहले मनुष्यों को दें, बचा प्रसाद जानवरों को दे सकते हैं। इस विषय पर मत भिन्नता है।#प्रसाद#कुत्ता#बिल्ली
शिव पूजाशिव मंदिर से प्रसाद लेकर घर लाने के क्या नियम हैं?दाहिने हाथ/दोनों हाथ से ग्रहण। स्वच्छ पात्र/कपड़े में ढंककर लाएं। भूमि/अपवित्र स्थान पर न रखें। घर में पूजा स्थान पर रखें। सबमें श्रद्धापूर्वक बांटें। फेंकना वर्जित — अधिक हो तो गाय आदि को दें। भस्म प्रसाद: त्रिपुण्ड्र लगाएं, डिब्बी में रखें। जूठे हाथ से न छुएं।
शिव पूजा नियमशिव पूजा के बाद प्रसाद किसे नहीं देना चाहिए?पत्थर/मिट्टी शिवलिंग का प्रसाद न खाएं, न बांटें — चंडेश्वर का भाग (शिव पुराण)। नदी में प्रवाहित करें। अपवाद: धातु/पारद शिवलिंग = प्रसाद ग्रहण योग्य। शिव प्रतिमा = ग्रहण योग्य।#प्रसाद#निर्माल्य#चंडेश्वर
शिव पूजा सामग्रीशिव मंदिर में प्रसाद के रूप में क्या चढ़ाना सबसे उत्तम है?सर्वोत्तम: मखाने की खीर, ठंडाई, कच्चा दूध, मिश्री, बेर। अन्य: हलवा, मालपुआ, फल, पंचामृत। वर्जित: तुलसी, केवड़ा, लाल फूल, सिंदूर, शंख जल।#प्रसाद#भोग#चढ़ावा
व्रत एवं त्योहाररामनवमी का प्रसाद क्या बनाते हैं?रामनवमी पर मुख्यतः पंजीरी (घी, आटा, बूरा, सूखे मेवे), पंचामृत और काले चने का भोग बनाया जाता है। पंजीरी उत्तर भारत का सबसे पारंपरिक प्रसाद है। सभी भोग में तुलसी दल रखना अनिवार्य है।#रामनवमी#प्रसाद#पंजीरी
पूजा विधिसुंदरकांड के बाद क्या करना चाहिए?सुंदरकांड के बाद श्रीराम और हनुमान जी की आरती करें, भोग अर्पण करें और उपस्थित सभी को प्रसाद वितरित करें। पुस्तक को लाल कपड़े में लपेट कर पवित्र स्थान पर रखें। अनुष्ठान पूर्ण होने पर हवन का भी विधान है।#सुंदरकांड#पाठ के बाद#आरती