विस्तृत उत्तर
शिवलिंग पर चढ़े प्रसाद (निर्माल्य) के विशेष नियम हैं:
शिवलिंग का प्रसाद न खाएं, न बांटें (शोध — DNA/Patrika/Jeevanjali)
शिव पुराण: शिव के मुख से चंडेश्वर नामक गण प्रकट हुए — भूत-प्रेतों के प्रधान। शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद चंडेश्वर का भाग है। अतः पत्थर, मिट्टी, चीनी मिट्टी के शिवलिंग का प्रसाद न खाएं, न बांटें — नदी/जल में प्रवाहित करें।
अपवाद — धातु शिवलिंग
चांदी, तांबे, पीतल, पारद शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद चंडेश्वर का अंश नहीं — इसे ग्रहण कर सकते हैं और बांट सकते हैं।
शिव प्रतिमा (मूर्ति) का प्रसाद
शिव की साकार मूर्ति (शंकर प्रतिमा) पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण और वितरण योग्य — यह नियम केवल शिवलिंग के लिए है।
अन्य नियम
- ▸शिवलिंग से उतारे फूल/बेलपत्र जमीन पर न फेंकें — नदी/पीपल के नीचे।
- ▸शिवलिंग का अभिषेक जल (चरणामृत) भी ग्रहण वर्जित (पत्थर/मिट्टी शिवलिंग का)।
- ▸शिव मंदिर में बना प्रसाद (जो शिवलिंग पर नहीं चढ़ा) बांट सकते हैं।





