श्रीमद्भागवतभीष्म पितामह को मोक्ष कैसे मिला?भीष्म को मोक्ष कृष्ण-स्मरण से मिला; उन्होंने मन, वाणी और दृष्टि कृष्ण में लीन की और भेद-मोह छोड़कर कृष्ण को प्राप्त हुए।#भीष्म मोक्ष#कृष्ण#प्राण त्याग
श्रीमद्भागवतभीष्म पितामह ने मृत्यु के समय किसका ध्यान किया?भीष्म पितामह ने मृत्यु के समय श्रीकृष्ण का ध्यान किया और मन, वाणी तथा दृष्टि को उन्हीं में लगा दिया।#भीष्म ध्यान#कृष्ण#प्राण त्याग
श्रीमद्भागवतभीष्म को मृत्यु के समय कृष्ण दर्शन क्यों मिले?भीष्म को मृत्यु के समय कृष्ण दर्शन इसलिए मिले क्योंकि कृष्ण अपने अनन्य प्रेमी भक्तों पर कृपा करते हैं।#भीष्म#कृष्ण दर्शन#भक्ति
श्रीमद्भागवतभीष्म पितामह ने उत्तरायण में प्राण क्यों छोड़े?उत्तरायण वह समय बताया गया है जिसे भगवत्परायण योगी चाहते हैं; उसी समय भीष्म ने मन कृष्ण में लगाकर प्राण त्यागे।#भीष्म उत्तरायण#प्राण त्याग#योगी
मरणोपरांत आत्मा यात्राशय्या या खाट पर प्राण त्यागना क्यों वर्जित है?शास्त्रों में प्राण त्याग के लिए शय्या के बजाय गोमय-लेपित भूमि और कुशा का विधान है।#शय्या#खाट#प्राण त्याग