श्रीमद्भागवतभागवत कथा की तैयारी कब शुरू करें?तैयारी मुहूर्त और धन-व्यवस्था से शुरू होती है; बिछाने की सामग्री पाँच दिन पहले जुटाने और वक्ता को एक दिन पहले क्षौर कराने को कहा गया है।#कथा तैयारी#भागवत सप्ताह#मंडप
श्रीमद्भागवतभागवत कथा का मंडप कैसे बनाएं?मंडप ऊँचा, केले के खंभों से सुसज्जित, फल-पुष्प-पत्तों और चंदोवे से अलंकृत तथा ध्वजाओं से सजाया हुआ बताया गया है।#मंडप#भागवत कथा#कथा तैयारी
श्रीमद्भागवतभागवत कथा कहाँ करानी चाहिए?भागवत कथा तीर्थ, वन या घर में कराई जा सकती है; मुख्य बात है कि स्थान विस्तृत, शुद्ध और सज्जित हो।#कथा स्थान#भागवत कथा#तीर्थ
पूजा विधिसत्यनारायण पूजा में केले के खंभे और कलश क्यों लगाए जाते हैं?केले का पेड़ पवित्रता, हरियाली और घर में वृद्धि (उर्वरता) का प्रतीक होता है। वहीं, आम के पत्तों और नारियल वाला कलश पूरे ब्रह्मांड और वरुण देवता (जल) का प्रतीक माना जाता है।#केले के खंभे#कलश स्थापना#मंडप