विस्तृत उत्तर
भागवत कथा का मंडप बनाने से पहले भूमि को शुद्ध, बुहारा और लीपा जाता है। घर की वस्तुओं को हटाकर एक कोने में रखा जाता है। पाँच दिन पहले से बिछाने की सामग्री जुटाई जाती है। फिर केले के खंभों से सुसज्जित एक ऊँचा मंडप बनाया जाता है। मंडप को फल, फूल, पत्ते और सुंदर चंदोवे से अलंकृत किया जाता है। चारों ओर ध्वजाएँ लगाई जाती हैं और अनेक प्रकार की सामग्री से मंडप सजाया जाता है। मंडप में कुछ ऊँचाई पर सात लोकों की कल्पना की जाती है और उनमें उत्तम ब्राह्मणों को बैठाया जाता है। आगे उनके आसन और वक्ता के लिये दिव्य सिंहासन की व्यवस्था भी बताई गई है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





