जप विधानमानस, उपांशु और वाचिक जप कितना बताया गया है?संसर्गजन्य पाप के लिए एक लाख मानस जप, उसका चार गुना उपांशु जप और आठ गुना वाचिक जप बताया गया है।#मानस जप#उपांशु जप#वाचिक जप
संसर्ग दोषपापी के संपर्क का दोष कैसे मिटता है?पापी के संपर्क से लगे दोष के लिए दस हजार जप बताया गया है; संसर्गजन्य पाप शमन के लिए मानस, उपांशु या वाचिक जप का विधान भी है।#संसर्ग दोष#पापी का संपर्क#अघोर मंत्र
महापातक प्रायश्चितब्रह्महत्या का प्रायश्चित क्या है?ब्रह्महत्या के लिए एक लाख अघोर मंत्र जप से मुक्ति कही गई है; दूसरे स्थान पर ऐसे नराधम के लिए दस लाख मानस जप भी बताया गया है।#ब्रह्महत्या#प्रायश्चित#अघोर मंत्र
जप और स्वाध्यायकौन सा जप सबसे श्रेष्ठ माना गया है?मानस जप सबसे श्रेष्ठ बताया गया है; वाचिक अधम और उपांशु उत्तम कहा गया है।#मानस जप#उपांशु जप#वाचिक जप
जप और स्वाध्यायस्वाध्याय में कौन सा जप बताया गया है?प्रणव का जप स्वाध्याय कहा गया है। यह जप वाचिक, उपांशु और मानस तीन प्रकार का है।#स्वाध्याय#प्रणव जप#वाचिक जप