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योगसूत्र से जुड़े सभी प्रश्न(7)

योगसूत्र पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 7 प्रश्न उपलब्ध हैं।

साधना मार्ग

ध्यान में मन नहीं टिकता तो क्या करें?

ध्यान में मन का भटकना स्वाभाविक है। गीता 6.26 — 'मन जहाँ जाए वहाँ से लौटाते रहो।' उपाय: पहले प्राणायाम करें, श्वास को आधार बनाएं, नियमित समय-स्थान रखें, मन दबाएं नहीं बल्कि साक्षी भाव से देखें। धैर्य और नियमितता ही एकमात्र उपाय है।

#ध्यान#मन की चंचलता#योगसूत्र
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सत्य अहिंसा अस्तेय ब्रह्मचर्य अपरिग्रह पांच यम

योगसूत्र 2.30 — पांच यम (महाव्रत, सार्वभौमिक): अहिंसा (सर्व प्राणी दया), सत्य (मन-वचन-कर्म एकरूपता), अस्तेय (चोरी/लालसा न), ब्रह्मचर्य (ऊर्जा संयम/ईश्वर-चिंतन), अपरिग्रह (अत्यधिक संग्रह न)। अहिंसा सबसे पहले = सर्वोच्च। जाति/देश/काल से परे — सभी मनुष्यों के लिए।

#पांच यम#योगसूत्र#पतंजलि
हिंदू दर्शन

यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि

अष्टांग योग (योगसूत्र 2.29): यम (अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह), नियम (शौच, संतोष, तप, स्वाध्याय, ईश्वर प्रणिधान), आसन (स्थिर सुख), प्राणायाम (श्वास नियंत्रण), प्रत्याहार (इंद्रिय निवृत्ति), धारणा (एकाग्रता), ध्यान (निरंतर चिंतन), समाधि (ध्याता-ध्येय एकत्व)।

#अष्टांग योग#पतंजलि#योगसूत्र
ध्यान साधना

ध्यान से नकारात्मक विचार कैसे दूर होते हैं?

ध्यान से नकारात्मक विचार दूर होते हैं क्योंकि — साक्षी-भाव से विचार देखे जाने पर वे शक्तिहीन होते हैं। योगसूत्र (2/33) — 'प्रतिपक्ष-भावना' — नकारात्मक के विपरीत सकारात्मक भाओ। सात्विकता बढ़ने से मन में नकारात्मकता टिकती नहीं। जिस विचार को ऊर्जा न मिले — वह क्षीण हो जाता है।

#ध्यान#नकारात्मक विचार#वृत्ति-निरोध
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ध्यान के दौरान शरीर को स्थिर क्यों रखना चाहिए?

शरीर स्थिर रखने से प्राण स्थिर होता है और प्राण स्थिर होने से मन स्थिर होता है। गीता (6/13-14) — शरीर, सिर, गर्दन अचल रखें। योगसूत्र (2/47-48) — आसन सिद्ध होने पर द्वंद्व नहीं सताते। गहरे ध्यान में शरीर-बोध क्षीण होकर केवल शुद्ध चेतना शेष रहती है।

#ध्यान#शरीर-स्थिरता#आसन
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ध्यान से मन शांत कैसे होता है?

ध्यान से मन शांत होता है क्योंकि — 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः' (योगसूत्र 1/2) — मन की वृत्तियाँ एकाग्रता से शांत होती हैं। श्वास धीमी होने से मन स्वतः शांत होता है। साक्षी-भाव से विचारों को देखने पर वे अपने आप विदा होते हैं। गीता (6/27) — शांत मन वाले योगी को उत्तम सुख मिलता है।

#ध्यान#मन#शांति
ध्यान साधना

ध्यान क्या होता है और इसे कैसे करें?

ध्यान वह अवस्था है जिसमें चित्त बिना भटके एक विषय पर टिका रहे (योगसूत्र 3/2)। विधि — शांत स्थान, सीधा आसन, श्वास-साधना, फिर ओम्/इष्टदेव/श्वास पर एकाग्रता। गीता (6/15) के अनुसार नियमित ध्यान से परम शांति और निर्वाण मिलता है।

#ध्यान#परिभाषा#विधि
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