रामचरितमानस — बालकाण्ड'नौमी भौम बार मधुमासा। अवधपुरीं यह चरित प्रकासा' — इसका अर्थ क्या है?अर्थ — चैत्र मास (मधुमास) की नवमी तिथि, मंगलवार (भौम बार) को अयोध्यापुरी (अवधपुरी) में यह चरित्र (रामचरितमानस) प्रकाशित हुआ। यही रामनवमी का दिन है जब भगवान राम का जन्म हुआ था।#बालकाण्ड#रचना तिथि#अयोध्या
रामचरितमानस — बालकाण्डरामचरितमानस की रचना किस तिथि को शुरू हुई?चैत्र शुक्ल नवमी (रामनवमी), मंगलवार को। तुलसीदासजी ने लिखा — 'नौमी भौम बार मधुमासा। अवधपुरीं यह चरित प्रकासा।' यह वही तिथि है जिस दिन भगवान राम का जन्म हुआ था।#बालकाण्ड
रामचरितमानस — बालकाण्ड'संबत सोरह सै एकतीसा। करउँ कथा हरि पद धरि सीसा' — इसमें कौन सा संवत है?संवत् 1631 (1574 ईस्वी)। 'सोरह सै' = 1600, 'एकतीसा' = 31, कुल = 1631। अर्थ — संवत् 1631 में श्रीहरि के चरणों पर सिर रखकर कथा आरम्भ करता हूँ।#बालकाण्ड#संवत 1631#चौपाई
रामचरितमानस — बालकाण्डतुलसीदासजी ने रामचरितमानस की रचना कब शुरू की — कौन सा संवत?संवत् 1631 (1574 ईस्वी) में। तुलसीदासजी ने लिखा — 'संबत सोरह सै एकतीसा। करउँ कथा हरि पद धरि सीसा।' अर्थात् संवत् 1631 में श्रीहरि के चरणों पर सिर रखकर कथा आरम्भ करता हूँ।#बालकाण्ड#रचना तिथि#संवत 1631