विस्तृत उत्तर
रामचरितमानस की रचना चैत्र मास की शुक्ल पक्ष नवमी तिथि (रामनवमी), मंगलवार को शुरू हुई।
चौपाई — 'नौमी भौम बार मधुमासा। अवधपुरीं यह चरित प्रकासा। जेहि दिन राम जनम श्रुति गावहिं। तीरथ सकल तहाँ चलि आवहिं॥'
इसका अर्थ — चैत्र मासकी नवमी तिथि मंगलवारको श्रीअयोध्याजीमें यह चरित्र प्रकाशित हुआ। जिस दिन श्रीरामजीका जन्म होता है, वेद कहते हैं कि उस दिन सारे तीर्थ वहाँ (श्रीअयोध्याजीमें) चले आते हैं।
विशेष बात यह है कि तुलसीदासजी ने जानबूझकर रामनवमी के पावन दिन को ही रचना का आरम्भ दिन चुना — जिस दिन भगवान राम का जन्म हुआ, उसी दिन उनके चरित्र का ग्रन्थ भी प्रकट हुआ।





