पूजा विधि एवं कर्मकांडराम जी की पूजा का सबसे उत्तम दिन कौन सा हैराम पूजा के लिए — मंगलवार (हनुमान के साथ), रामनवमी (चैत्र शुक्ल नवमी, जन्म-दिवस) सर्वोत्तम। नित्य राम-नाम जप में कोई भी दिन उत्तम है। शनिवार को हनुमान-राम पूजन शनि-पीड़ा निवारण के लिए विशेष।#राम पूजा दिन#मंगलवार राम#रामनवमी
व्रत एवं त्योहाररामनवमी पर व्रत कैसे रखें?रामनवमी व्रत में प्रातः स्नान, सूर्य को अर्घ्य, संकल्प और दोपहर को श्रीराम की विशेष पूजा करें। अन्न का त्याग कर फलाहार करें। रामरक्षास्तोत्र और रामचरितमानस का पाठ करें।#रामनवमी#व्रत विधि
रामचरितमानस — बालकाण्डश्रीरामजी का जन्म किस मास, पक्ष और तिथि को हुआ?चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, नवमी तिथि (रामनवमी), अभिजित् मुहूर्त, मध्य दिवस। योग, लग्न, ग्रह, वार, तिथि सब अनुकूल।#बालकाण्ड#राम जन्म तिथि#चैत्र नवमी
रामचरितमानस — बालकाण्डरामचरितमानस की रचना किस तिथि को शुरू हुई?चैत्र शुक्ल नवमी (रामनवमी), मंगलवार को। तुलसीदासजी ने लिखा — 'नौमी भौम बार मधुमासा। अवधपुरीं यह चरित प्रकासा।' यह वही तिथि है जिस दिन भगवान राम का जन्म हुआ था।#बालकाण्ड#रचना तिथि#रामनवमी
त्योहार पूजारामनवमी पर सूर्य की किरणें राम लला के माथे पर क्यों पड़ती हैं अयोध्या में?सूर्य तिलक: खगोलीय गणना (चैत्र नवमी, दोपहर 12 बजे = राम जन्म), दर्पण/लेंस प्रणाली (CBRI+IIT रुड़की), प्राचीन परम्परा (कोणार्क जैसी)। आध्यात्मिक: सूर्यवंशी राम को सूर्य तिलक = पूर्वज आशीर्वाद। विज्ञान+शिल्प+आस्था संगम।#अयोध्या#राम मंदिर#सूर्य किरण
त्योहार पूजारामनवमी पर राम जन्म की पूजा कैसे करें?रामनवमी: व्रत → प्रातः राम दरबार अभिषेक → दोपहर 12 बजे विशेष पूजा-जयघोष (जन्म समय) → पालना/झूला → रामचरितमानस बालकाण्ड ('भए प्रगट कृपाला...') → 'ॐ रामाय नमः' जप → आरती → प्रसाद-दान।#रामनवमी#राम जन्म#चैत्र शुक्ल नवमी
व्रत एवं त्योहाररामनवमी का प्रसाद क्या बनाते हैं?रामनवमी पर मुख्यतः पंजीरी (घी, आटा, बूरा, सूखे मेवे), पंचामृत और काले चने का भोग बनाया जाता है। पंजीरी उत्तर भारत का सबसे पारंपरिक प्रसाद है। सभी भोग में तुलसी दल रखना अनिवार्य है।#रामनवमी#प्रसाद#पंजीरी