विस्तृत उत्तर
श्रीरामजी का जन्म चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, नवमी तिथि को हुआ — जिसे रामनवमी के नाम से मनाया जाता है।
चौपाई — 'नौमी तिथि मधु मास पुनीता। सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता। मध्य दिवस अति सीत न घामा। पावन काल लोक बिश्रामा॥'
अर्थ — पवित्र चैत्र मास, नवमी तिथि, शुक्लपक्ष और भगवानूका प्रिय अभिजित् मुहूर्त। दोपहर का समय, न सर्दी न गर्मी — सब लोकों को शान्ति देने वाला पवित्र काल।
दोहा — 'जोग लगन ग्रह बार तिथि सकल भए अनुकूल। चर अरु अचर हर्षजुत राम जनम सुखमूल॥' — योग, लग्न, ग्रह, वार, तिथि सब अनुकूल। राम जन्म सुख का मूल है।





