लोकमहर्लोक में कौन से गुण की प्रधानता है?महर्लोक में विशुद्ध सत्त्वगुण की पूर्ण प्रधानता है। रजोगुण और तमोगुण का यहाँ प्रवेश नहीं। इसीलिए यहाँ रोग, शोक, भूख और क्रोध नहीं होते।#महर्लोक#सत्त्वगुण#रजोगुण
लोकब्रह्मा के रजोगुण से तीन लोकों की रचना कैसे हुई?भागवत के अनुसार ब्रह्मा जी ने अपने तपोबल और रजोगुण से भूः, भुवः और स्वः की रचना की। रजोगुण से उत्पन्न होने के कारण ये तीनों परिवर्तनशील और नश्वर हैं।#ब्रह्मा#रजोगुण
लोकमधु कैटभ कौन से गुणों के प्रतीक हैं?मधु तमोगुण और कैटभ रजोगुण के असंतुलित रूप के प्रतीक हैं।#तमोगुण#रजोगुण#मधु कैटभ
लोकरजोगुण से सृष्टि कैसे शुरू होती है?रजोगुण सृजन की गति देकर सृष्टि-बीज को जाग्रत करता है।#रजोगुण#सृष्टि#ब्रह्मांड
लोकयोगनिद्रा के बाद सृष्टि कैसे शुरू होती है?काल-शक्ति और रजोगुण से सृष्टि-बीज जागता है।#योगनिद्रा#सृष्टि#रजोगुण
लोकमिश्रित कर्मों से यक्ष योनि कैसे प्राप्त होती है?यज्ञ, दान और तप के साथ अहंकार, विलासिता और भौतिक सुख की इच्छा बनी रहे तो यक्ष योनि मिलती है।#मिश्रित कर्म#यक्ष योनि#दान पुण्य