विस्तृत उत्तर
श्रीमद्भागवत पुराण के एकादश स्कन्ध (११.२४.११-१२) में भगवान श्रीकृष्ण उद्धव को ज्ञान देते हुए बताते हैं कि जब ब्रह्मा जी ने अपने तपोबल और रजोगुण से भूः, भुवः और स्वः — इन तीन लोकों की रचना की तो उन्होंने इनके लिए अधिष्ठाता देवताओं की भी नियुक्ति की। रजोगुण सृजन और गति का गुण है और ब्रह्मा जी के इसी रजोगुण से इन तीनों लोकों की उत्पत्ति हुई। स्वर्ग देवताओं के निवास के लिए, पृथ्वी मनुष्यों और मरणशील जीवों के लिए और भुवर्लोक भूत-प्रेतों तथा सूक्ष्म सत्ताओं के निवास के लिए निर्धारित किया गया। रजोगुण से उत्पन्न होने के कारण ये तीनों लोक गतिशील, परिवर्तनशील और अंततः नश्वर हैं।
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