दिव्यास्त्रकुबेर ने अंतर्धान अस्त्र के बारे में क्या कहा?कुबेर ने कहा कि अंतर्धान अस्त्र 'ओज, तेज और कांति' प्रदान करता है और शत्रुओं को ऐसे नष्ट करता है जैसे वे सो रहे हों।#कुबेर#अंतर्धान अस्त्र#ओज तेज कांति
तंत्र ग्रंथरुद्रयामल तंत्र में किन साधनाओं का वर्णन है?शिव-पार्वती संवाद। मंत्र शास्त्र, यंत्र, दशमहाविद्या, कुंडलिनी, षट्कर्म (6 तांत्रिक कर्म), कवच, न्यास, मुद्रा। 'रुद्र+यामल' = शिव-शक्ति। गोपनीय।#रुद्रयामल#तंत्र#ग्रंथ
रामचरितमानस — बालकाण्ड'एक अनीह अरूप अनामा। अज सच्चिदानंद परधामा' — किसका वर्णन?परब्रह्म/निर्गुण ब्रह्म — अद्वितीय, इच्छारहित, रूपरहित, नामरहित, अजन्मा, सच्चिदानन्द, परम धाम। वही ब्रह्म रामजी के रूप में अवतार लेते हैं।#बालकाण्ड#सच्चिदानंद#ब्रह्म
जीवन एवं मृत्युयमदूत नरक का वर्णन क्यों करते हैं?यमदूत पापी जीव को नरक का वर्णन इसलिए सुनाते हैं ताकि उसे अपने कर्मों का बोध हो। यह न्याय-प्रक्रिया का अंग है। साथ ही यह वर्णन जीवित मनुष्यों को पाप से दूर रखने के लिए गरुड़ पुराण का मूल संदेश भी है।#यमदूत#नरक#वर्णन
जीवन एवं मृत्युयमदूत कैसे दिखते हैं?गरुड़ पुराण के अनुसार यमदूत काले, भयंकर, विकृत मुख वाले, उठे हुए केशों वाले और क्रोधित नेत्रों वाले होते हैं। हाथों में पाश और दंड होते हैं, नाखून शस्त्र जैसे तीखे होते हैं।#यमदूत#स्वरूप#गरुड़ पुराण
तंत्र साधनातंत्र साधना में अष्टसिद्धि का क्या वर्णन है?8: अणिमा(सूक्ष्म), महिमा(विशाल), गरिमा(भारी), लघिमा(हल्का), प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व, वशित्व। कुंडलिनी→चक्र→सिद्धि। पतंजलि: 'सिद्धि = समाधि बाधा!' मोक्ष > सिद्धि।#अष्टसिद्धि#8#सिद्धि