विस्तृत उत्तर
अष्टसिद्धि (8 महासिद्धि) — पतंजलि + तंत्र:
| सिद्धि | अर्थ |
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| अणिमा | अणु (सूक्ष्मतम) बनना |
| महिमा | विशाल (अनंत) बनना |
| गरिमा | अत्यंत भारी बनना |
| लघिमा | अत्यंत हल्का/उड़ना |
| प्राप्ति | कहीं से भी कुछ प्राप्त |
| प्राकाम्य | इच्छा मात्र से कार्य |
| ईशित्व | सर्व पर नियंत्रण |
| वशित्व | सभी को वश में |
तंत्र दृष्टि: कुंडलिनी जागरण → चक्रों पर सिद्धियां प्राप्त। सहस्रार = सर्वसिद्धि।
सावधानी: पतंजलि (3.37): 'ते समाधावुपसर्गा व्युत्थाने सिद्धयः।' — सिद्धियां = समाधि में बाधा! सिद्धि = उद्देश्य नहीं, मोक्ष = उद्देश्य।
