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तंत्र साधना📜 तंत्र शास्त्र, पूर्व session research (ID 465)1 मिनट पठन

तंत्र शास्त्र में भूत शुद्धि का क्या विधान है?

संक्षिप्त उत्तर

पंचभूत शुद्धि: लं/वं/रं/यं/हं — 5 चक्रों पर बीज जप। अग्नि(रं)→शरीर भस्म→पुनर्निर्माण (कल्पना)। 'सोऽहम्' = आत्मा भावना। तांत्रिक जप/यंत्र पहले = अनिवार्य। सरल: 5×'ॐ'।

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विस्तृत उत्तर

भूत शुद्धि = पंचभूत शरीर शुद्धि — तंत्र का मूल विधान:

विधान (पूर्व शोध + तंत्र शास्त्र)

  1. 1शरीर = 5 महाभूत (पृथ्वी/जल/अग्नि/वायु/आकाश) → अशुद्ध → मंत्र शक्ति कम।
  2. 25 बीज जप: लं(पृथ्वी)→वं(जल)→रं(अग्नि)→यं(वायु)→हं(आकाश) — प्रत्येक संबंधित चक्र पर।
  3. 3कल्पना: अग्नि (रं) → शरीर जलाना → भस्म → पुनर्निर्माण (शुद्ध शरीर)।
  4. 4'सोऽहम्': शुद्ध शरीर = 'मैं शरीर नहीं, आत्मा हूं' — भावना।
  5. 5तांत्रिक: जप/पूजा/यंत्र साधना = पहले भूत शुद्धि अनिवार्य।

सरल विकल्प: 5 बार 'ॐ' + प्रत्येक चक्र पर ध्यान = सामान्य साधकों हेतु।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, पूर्व session research (ID 465)
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