विस्तृत उत्तर
भूत शुद्धि = पंचभूत शरीर शुद्धि — तंत्र का मूल विधान:
विधान (पूर्व शोध + तंत्र शास्त्र)
- 1शरीर = 5 महाभूत (पृथ्वी/जल/अग्नि/वायु/आकाश) → अशुद्ध → मंत्र शक्ति कम।
- 25 बीज जप: लं(पृथ्वी)→वं(जल)→रं(अग्नि)→यं(वायु)→हं(आकाश) — प्रत्येक संबंधित चक्र पर।
- 3कल्पना: अग्नि (रं) → शरीर जलाना → भस्म → पुनर्निर्माण (शुद्ध शरीर)।
- 4'सोऽहम्': शुद्ध शरीर = 'मैं शरीर नहीं, आत्मा हूं' — भावना।
- 5तांत्रिक: जप/पूजा/यंत्र साधना = पहले भूत शुद्धि अनिवार्य।
सरल विकल्प: 5 बार 'ॐ' + प्रत्येक चक्र पर ध्यान = सामान्य साधकों हेतु।
