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तंत्र साधना📜 कुलार्णव तंत्र (15.61-66), महानिर्वाण तंत्र, शारदातिलक तंत्र, मंत्रमहार्णव, तंत्रसार2 मिनट पठन

तंत्र साधना में कौन सा वस्त्र पहनना चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

कुलार्णव: शुद्ध वस्त्र = सिद्धि, मैले वस्त्र = साधना व्यर्थ। श्रेष्ठता: रेशम (ऊर्जा-संचय, सर्वोत्तम) > सूती > ऊनी। वर्जित: चर्म, पॉलिएस्टर, दूसरे के वस्त्र। प्रकार: पुरुष (धोती-उत्तरीय), महिला (साड़ी)। विशेष: श्रीविद्या (लाल रेशम), बगलामुखी (पीला रेशम)। साधना-वस्त्र केवल साधना के लिए।

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विस्तृत उत्तर

तंत्र साधना में वस्त्र-विधान — प्रकार, सामग्री और नियम:

कुलार्णव तंत्र (15.62) — वस्त्र का सिद्धांत

शुद्धवस्त्रधरः साधकः सिद्धिं प्राप्नोति निश्चितम्।

मलिनाम्बरधारी तु साधनं व्यर्थयेत् ध्रुवम्।।'

— शुद्ध वस्त्र पहनने वाला साधक निश्चित सिद्धि पाता है। मैले वस्त्र वाले की साधना व्यर्थ हो जाती है।

वस्त्र की सामग्री — श्रेष्ठता क्रम

1रेशम (सिल्क) — सर्वोत्तम

महानिर्वाण तंत्र: 'कौशेयं वस्त्रमुत्तमम्।' — रेशम सर्वोत्तम वस्त्र है। रेशम विद्युत-कुचालक है — शरीर की ऊर्जा बाहर नहीं जाती, संचित रहती है।

2सूती (Cotton) — मध्यम

सूती वस्त्र — शुद्ध, ताजे धुले — स्वीकार्य। विशेषतः सात्विक-तांत्रिक साधना में।

3ऊनी (Woolen) — विशेष परिस्थितियों में

आसन के लिए ऊनी कम्बल श्रेष्ठ — परंतु वस्त्र के रूप में शीत-काल साधना में।

4वर्जित सामग्री

  • चर्म-वस्त्र (leather) — तांत्रिक साधना में वर्जित (जीव-हत्या-दोष)
  • नायलॉन/पॉलिएस्टर — ऊर्जा-अवरोधक
  • दूसरे के पहने वस्त्र — वर्जित

वस्त्र का प्रकार — देवता-अनुसार

पुरुष साधक

  • धोती — सर्वोत्तम (अनसिला वस्त्र — ऊर्जा प्रवाह अबाधित)
  • उत्तरीय (ऊपर का वस्त्र) — देवता के रंग में
  • उच्च साधना: पूर्णतः अनसिला (अखण्ड) वस्त्र

महिला साधक

  • साड़ी — देवता के रंग में
  • शारदातिलक: महिला साधक के लिए साड़ी आदर्श — ऊर्जा-प्रवाह के लिए अनुकूल

विशेष तांत्रिक वेश

  • श्मशान-साधना: काले वस्त्र या न्यूनतम वस्त्र (परंपरा-भेद से)
  • श्रीविद्या: लाल रेशमी वस्त्र — सम्पूर्ण लाल
  • बगलामुखी: पीले रेशमी वस्त्र — सम्पूर्ण पीले

वस्त्र-संबंधी नियम

  1. 1प्रत्येक साधना में ताजे धुले वस्त्र
  2. 2साधना-वस्त्र केवल साधना के लिए — दैनिक उपयोग नहीं
  3. 3वस्त्र को साधना-स्थान पर ही रखें
  4. 4सिले वस्त्र का धागा शुद्ध सूत का हो
  5. 5कुलार्णव: 'वस्त्रं देवतास्वरूपम्।' — वस्त्र देवता-स्वरूप है — इसका अपमान न करें।
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शास्त्रीय स्रोत
कुलार्णव तंत्र (15.61-66), महानिर्वाण तंत्र, शारदातिलक तंत्र, मंत्रमहार्णव, तंत्रसार
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