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तंत्र साधना📜 योग शास्त्र, तंत्र साधना परंपरा1 मिनट पठन

तंत्र साधना में मौन व्रत का क्या महत्व है?

संक्षिप्त उत्तर

वाक् ऊर्जा संरक्षण → मंत्र शक्ति↑। मन शांत (विचार↓)। इंद्रिय संयम = तप। अंतर्मुखी (अनाहत नाद)। विशुद्ध चक्र शुद्ध। अनुष्ठान/साप्ताहिक। गांधी = सोमवार मौन।

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विस्तृत उत्तर

मौन = तंत्र साधना का शक्तिशाली उपकरण:

महत्व

  1. 1वाक् ऊर्जा संरक्षण: बोलना = ऊर्जा व्यय। मौन = ऊर्जा संचित → मंत्र शक्ति ↑।
  2. 2मन शांत: बोलना = विचार → विचार = मन अशांत। मौन = विचार ↓ = ध्यान गहन।
  3. 3इंद्रिय संयम: वाक् = सबसे चंचल इंद्रिय। मौन = संयम = तप।
  4. 4अंतर्मुखी: बाहरी शोर बंद → आंतरिक ध्वनि (अनाहत नाद) सुनाई दे।
  5. 5विशुद्ध चक्र: मौन = विशुद्ध चक्र (कंठ) शुद्ध → सत्य वाणी।

कब: अनुष्ठान दौरान (40 दिन = कठोर)। साप्ताहिक 1 दिन। ध्यान/जप दौरान।

गांधी: सोमवार मौन व्रत — आत्मशक्ति।

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शास्त्रीय स्रोत
योग शास्त्र, तंत्र साधना परंपरा
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