विस्तृत उत्तर
मौन = तंत्र साधना का शक्तिशाली उपकरण:
महत्व
- 1वाक् ऊर्जा संरक्षण: बोलना = ऊर्जा व्यय। मौन = ऊर्जा संचित → मंत्र शक्ति ↑।
- 2मन शांत: बोलना = विचार → विचार = मन अशांत। मौन = विचार ↓ = ध्यान गहन।
- 3इंद्रिय संयम: वाक् = सबसे चंचल इंद्रिय। मौन = संयम = तप।
- 4अंतर्मुखी: बाहरी शोर बंद → आंतरिक ध्वनि (अनाहत नाद) सुनाई दे।
- 5विशुद्ध चक्र: मौन = विशुद्ध चक्र (कंठ) शुद्ध → सत्य वाणी।
कब: अनुष्ठान दौरान (40 दिन = कठोर)। साप्ताहिक 1 दिन। ध्यान/जप दौरान।
गांधी: सोमवार मौन व्रत — आत्मशक्ति।

