विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण के प्रेतकल्प में यमदूतों के स्वरूप का अत्यंत विस्तृत और भयावह वर्णन किया गया है। यह वर्णन पापियों को देखने वाले यमदूतों का है।
गरुड़ पुराण के अनुसार यमदूत अत्यंत विकराल और भयावह होते हैं। वे कौए के समान काले रंग के होते हैं। उनके केश ऊपर की ओर उठे हुए होते हैं। उनका मुख टेढ़ा-मेढ़ा और विकृत होता है। उनके नेत्र क्रोध से लाल और भयंकर होते हैं। वे नग्न होते हैं और दाँतों से कट-कट की ध्वनि करते हैं। उनके नाखून आयुध (शस्त्र) की भाँति तीखे और लंबे होते हैं।
यमदूत अपने दोनों हाथों में पाश (रस्सी) और दंड (डंडा) धारण करते हैं। उन्हें देखकर पापी प्राणी भयभीत होकर मल-मूत्र त्याग देता है। वे आत्मा के गले में पाश बाँधकर उसे यमलोक ले जाते हैं।
यह वर्णन प्रतीकात्मक भी हो सकता है — यह पापी आत्मा की उस मनःस्थिति का चित्रण है जो अपने कर्मों के भय से भयत्रस्त होती है। पुण्यात्मा के लिए आने वाले देवदूत इसके विपरीत दिव्य, शांत और सुंदर स्वरूप में वर्णित हैं।





