कुंडलिनीविशुद्ध चक्र जागृत होने पर वाणी में क्या परिवर्तन आता है? 'सत्य+अभिव्यक्ति केंद्र।' सत्य स्वतः, मधुर, वाक् सिद्धि ('बोलें=हो'), गायन↑, मंत्र शक्ति↑, अनावश्यक↓। बीज 'हं'।#विशुद्ध#चक्र#वाणी
लोकजनलोक में वेद-मंत्रों का क्या महत्व है?जनलोक में वेद-मंत्र परब्रह्म के गुणगान और भगवान की स्तुति का माध्यम हैं।#जनलोक#वेद मंत्र#वाणी
लोकजनलोक का संबंध कंठ से क्यों बताया गया है?जनलोक विशुद्ध ज्ञान, वाणी और वेद-मंत्रों से जुड़ा है, इसलिए इसका संबंध कंठ से बताया गया है।#जनलोक#कंठ#वाणी
जीवन एवं मृत्युमृत्यु के समय व्यक्ति की आवाज क्यों बंद हो जाती है?गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के समय वाणी सबसे पहले जाती है क्योंकि यह प्राण का बाह्यतम प्रकाशन है। व्यक्ति बोलना चाहता है परंतु बोल नहीं पाता। सुनने की शक्ति अधिक देर रहती है — इसीलिए मरणासन्न के कान में भगवान का नाम सुनाने का विधान है।#मृत्यु#वाणी#आवाज
जीवन एवं मृत्युक्या मृत्यु के समय व्यक्ति बोल सकता है?गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के समय सबसे पहले बोलने की शक्ति चली जाती है। व्यक्ति सुन और अनुभव कर सकता है, परंतु बोल नहीं पाता। इसीलिए मरणासन्न व्यक्ति को भगवान का नाम सुनाने का विधान है।#मृत्यु#वाणी#बोलना
स्वप्न शास्त्रसपने में तोता दिखने का अर्थतोता = शुभ। शुभ समाचार, वाणी सिद्धि, प्रेम/विवाह (कामदेव वाहन), बुद्धि (शुकदेव)। बोलता=अच्छी खबर; उड़ता=स्वतंत्रता; पिंजरा=बंधन।#तोता#सपना#शुभ