पर्वनवरात्रि के दसवें दिन विजयादशमी मनाने का क्या कारण हैविजयदशमी (10वाँ): दुर्गा ने 9 दिन युद्ध → 10वें महिषासुर वध। राम ने 9 दिन शक्ति पूजा → 10वें रावण वध। 9=साधना/शक्ति, 10=विजय/फल। अबूझ मुहूर्त, शस्त्र पूजा, नया कार्य।#विजयदशमी#नवरात्रि#दशहरा
पर्वदशहरा पर शमी वृक्ष की पूजा का पौराणिक कारण क्या हैशमी पूजा कारण: महाभारत — पाण्डवों ने शमी पर शस्त्र छिपाए, विजयदशमी को उतारे → विजय। 'शमी शमयते पापम्' = पापनाशक। शमी पत्ते='सोना' भेंट। अग्नि निवास (अरणि)। शनि वृक्ष। महाराष्ट्र/दक्षिण में अत्यन्त प्रचलित।
पर्वदुर्गा पूजा में विजयादशमी पर अपराजिता पूजा क्या हैअपराजिता पूजा: विजयदशमी अपराह्न में। अपराजिता = अपराजित देवी (दुर्गा रूप)। ईशान कोण में अष्टदल कमल → अपराजिता पुष्प (नीले) + शमी पत्र → 'ॐ अपराजितायै नमः'। राम ने लंका विजय पूर्व की। बंगाल: दुर्गा विसर्जन से पूर्व। विजय और सफलता हेतु।#विजयदशमी#अपराजिता#दुर्गा
पर्वदशहरा पर रावण दहन का आध्यात्मिक अर्थ क्या हैरावण दहन = अपने भीतर की 10 बुराइयों (काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मात्सर्य आदि) का दहन। अध्यात्म: राम = आत्मा, रावण = अहंकार, सीता = बुद्धि — अहंकार पर आत्मा की विजय। 9 दिन शक्ति साधना → 10वें दिन विजय। बाहरी दहन प्रतीकात्मक — वास्तविक विजय आन्तरिक।#दशहरा#रावण दहन#विजयदशमी
पर्वदशहरा पर शस्त्र पूजा कैसे करेंदशहरा शस्त्र पूजा: शस्त्र/आयुध स्वच्छ करें → लाल कपड़े पर रखें → हल्दी-कुमकुम-अक्षत → पुष्प-धूप-दीप → 'ॐ शस्त्रेभ्यो नमः'। दक्षिण भारत: आयुध पूजा — पुस्तकें, वाद्य, वाहन, औजार। आधुनिक: कार्य उपकरणों की पूजा = कृतज्ञता।#दशहरा#शस्त्र पूजा#विजयदशमी