विस्तृत उत्तर
दशहरा (विजयदशमी — आश्विन शुक्ल दशमी) पर रावण दहन का अत्यन्त गहन आध्यात्मिक अर्थ है।
1अधर्म पर धर्म की विजय
श्रीराम = धर्म, सत्य, मर्यादा। रावण = अधर्म, अहंकार, अत्याचार। रावण दहन = अधर्म का अन्त, धर्म की स्थापना।
2दस बुराइयों का दहन
रावण के 10 सिर = 10 बुराइयाँ:
- ▸काम (वासना)
- ▸क्रोध
- ▸लोभ
- ▸मोह
- ▸मद (अहंकार)
- ▸मात्सर्य (ईर्ष्या)
- ▸स्वार्थ
- ▸अन्याय
- ▸अमानवता
- ▸अहंकार
रावण दहन = अपने भीतर की इन 10 बुराइयों को जलाना।
3अध्यात्म रामायण दृष्टि
राम = आत्मा/परमात्मा। सीता = बुद्धि/विवेक। रावण = अहंकार (अहम्)। लंका = शरीर। अहंकार रूपी रावण ने बुद्धि रूपी सीता का हरण किया — आत्मा (राम) ने साधना (वानर सेना) के साथ अहंकार का नाश किया।
4विजय = आत्मविजय
बाहरी रावण जलाना प्रतीकात्मक है — वास्तविक विजय अपने भीतर के रावण (दुर्गुणों) पर विजय है।
5नवरात्रि से सम्बन्ध
9 दिन शक्ति (दुर्गा) साधना → 10वें दिन विजय। अर्थात् साधना के बल पर ही बुराई पर विजय सम्भव।





