दर्शनविशिष्टाद्वैत क्या है रामानुज के अनुसार?
विशिष्टाद्वैत (रामानुज, 1017-1137): ब्रह्म एक पर सगुण। जीव+जगत = ब्रह्म के विशेषण/अंग (वृक्ष-शाखा, सूर्य-किरण)। जगत सत्य (मिथ्या नहीं)। मोक्ष = भक्ति/प्रपत्ति से, वैकुंठ में नारायण सेवा। शंकर के मायावाद का खंडन।
#विशिष्टाद्वैत#रामानुज#योग्य अद्वैत