लक्ष्मी-नारायण तत्त्वविष्णु पुराण में लक्ष्मी-विष्णु की अद्वैतता कैसे समझाई गई है?
विष्णु पुराण: विष्णु = अर्थ → लक्ष्मी = वाणी; विष्णु = धर्म → लक्ष्मी = सत्क्रिया; विष्णु = सृष्टा → लक्ष्मी = सृष्टि; विष्णु = संतोष → लक्ष्मी = नित्य तृप्ति; विष्णु = वायु → लक्ष्मी = गति; विष्णु = समुद्र → लक्ष्मी = तरंग।
#लक्ष्मी विष्णु अद्वैत#शब्द अर्थ#धर्म सत्क्रिया