विस्तृत उत्तर
संस्कृत भाषा में 'संवर्त' शब्द के कई गहरे अर्थ हैं जो सीधे तौर पर विनाश और समापन से जुड़े हैं। इसका सबसे प्रमुख और सीधा अर्थ है 'प्रलय' या 'कल्पांत' — अर्थात एक युग या कल्प के अंत में होने वाला ब्रह्मांड का संपूर्ण विनाश। यह शब्द उस अवस्था को दर्शाता है जब सृष्टि अपने मूल स्वरूप में विलीन हो जाती है। इसके अन्य अर्थ जैसे 'लपेटना' और 'शत्रु से भिड़ना' भी इसकी सर्व-ग्रासी और आक्रामक प्रकृति को दर्शाते हैं। इस प्रकार इस अस्त्र का नाम ही यह संकेत देता है कि इसका प्रयोग किसी सामान्य युद्ध के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण विनाश के लिए होता है।
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