शिव पार्वती विवाहशिव और पार्वती के विवाह में सप्तपदी का क्या विधान था?शिव-पार्वती विवाह में ब्रह्मा पुरोहित बने। अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए गए जिसमें धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्रतिज्ञाएं शामिल थीं। शिव ने वैदिक मंत्रों के साथ विवाह के सभी लोकाचार पूरे किए।#सप्तपदी#शिव पार्वती विवाह#विवाह विधि
शिव पार्वती विवाहशिव की बारात में कौन-कौन थे?शिव की बारात में ब्रह्मा, विष्णु, इंद्र, सप्तर्षि, देवता, गंधर्व, यक्ष, नाग, किन्नर, गण, भूत-प्रेत, पिशाच, योगिनियाँ और समस्त जीव-जंतु शामिल थे। यह अब तक की सबसे विचित्र और अद्भुत बारात थी।
पार्वती की तपस्या और परीक्षाएंशिव ने पार्वती को पत्नी स्वीकार करते हुए क्या कहा?शिव ने कोमल वचनों में कहा: 'हे देवी! आज से मैं तुम्हारी तपस्या द्वारा खरीदा हुआ तुम्हारा दास हूँ।' यह विवाह साधारण नहीं था — यह प्रकृति-पुरुष और चेतना-ऊर्जा का ब्रह्मांडीय मिलन था।#शिव पार्वती विवाह#तपस्या खरीदा#दास
रामचरितमानस — बालकाण्डशिव-पार्वती विवाह में वेद मंत्रों से किसने विवाह करवाया?महामुनियों (श्रेष्ठ मुनिगणों) ने वेद मंत्रों की रीति से विवाह करवाया। हिमाचल ने हाथ में कुश लेकर कन्या का हाथ पकड़कर उन्हें भवानी जानकर शिवजी को समर्पित किया। पहले गणेशजी का पूजन किया गया।#बालकाण्ड#शिव पार्वती विवाह#वेद मंत्र