लोकयमराज के सामने श्रवण देव गवाह कैसे बनते हैं?यदि आत्मा पाप नकारती है, तो श्रवण-श्रवणी देव यमराज के सामने प्रत्यक्ष गवाह बनकर उसके कर्मों का प्रमाण देते हैं।#श्रवण देव#यमराज#गवाह
लोकबंद कमरे में किए गए कर्म भी यमलोक तक कैसे पहुँचते हैं?श्रवण और श्रवणी देव बंद कमरे, अंधकार और एकांत में किए गए कर्म भी देख-सुनकर चित्रगुप्त तक पहुँचाते हैं।#गुप्त कर्म#श्रवण देव#श्रवणी
लोकश्रवण देव गुप्त कर्मों को कैसे जानते हैं?श्रवण देव ब्रह्मा के कानों और नेत्रों के प्रतीक हैं, इसलिए वे गुप्त से गुप्त कर्म भी देख-सुन लेते हैं।#श्रवण देव#गुप्त कर्म#कर्म साक्षी
लोकश्रवण देवों की उत्पत्ति कैसे हुई?ब्रह्मा जी ने लोक-व्यवहार का सूक्ष्म ज्ञान रखने के लिए अपनी तपस्या से तेजस्वी और विशाल नेत्रों वाले श्रवण देव उत्पन्न किए।#श्रवण देव#उत्पत्ति#ब्रह्मा
लोकश्रवण और श्रवणी देव कौन हैं?श्रवण और श्रवणी यमलोक के दिव्य गुप्तचर हैं, जो पुरुषों और स्त्रियों के शुभ-अशुभ कर्मों को देखते-सुनते हैं।#श्रवण देव#श्रवणी#यमलोक
लोकचित्रगुप्त जीवों के कर्मों का लेखा कैसे रखते हैं?चित्रगुप्त अग्रसंधानी पुस्तिका में कर्म दर्ज रखते हैं और श्रवण-श्रवणी देव हर गुप्त कर्म की सूचना पहुँचाते हैं।#चित्रगुप्त#कर्म लेखा#अग्रसंधानी
लोकयमराज की सभा में कोई कर्म छिप क्यों नहीं सकता?चित्रगुप्त की अग्रसंधानी पुस्तिका और श्रवण-श्रवणी की गुप्तचर व्यवस्था के कारण यमराज की सभा में कोई कर्म छिप नहीं सकता।#कर्म लेखा#चित्रगुप्त#श्रवण देव