विस्तृत उत्तर
श्रवण देव ब्रह्मा जी के कानों और नेत्रों के प्रतीक हैं, जो पूरे ब्रह्मांड में विचरण करते हैं। वे पुरुषों के गुप्त से गुप्त कर्मों पर दृष्टि रखते हैं और उनकी पत्नियाँ श्रवणी स्त्रियों के कर्मों का सूक्ष्म अवलोकन करती हैं। मनुष्य बंद कमरों में, अंधकार में या एकांत में जो भी पाप या पुण्य करता है, श्रवण और श्रवणी देव उसे उसी क्षण देख और सुन लेते हैं। संसार में जो कोई जैसा भी शुभ या अशुभ बोलता है, उसे वे अत्यंत शीघ्र ब्रह्मा के कानों तक और भगवान चित्रगुप्त की पंजिका तक पहुंचाते हैं।
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