गुरु कृपा और साधना मर्ममोक्ष का क्या अर्थ है?मोक्ष का अर्थ है समस्त दुखों से पूर्ण निवृत्ति और अपने शुद्ध, सच्चिदानंद ब्रह्म-स्वरूप में स्थित हो जाना — शास्त्र इसे 'परम पुरुषार्थ' कहते हैं।#मोक्ष अर्थ#समस्त दुख निवृत्ति#सच्चिदानंद
सिद्धियाँ और लाभत्रिपुर भैरवी साधना से मोक्ष कैसे मिलता है?माँ भैरवी की नित्य प्रलय शक्ति साधक के अज्ञान, अहंकार और कर्म-संस्कारों का नाश करती है — जिससे वह जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त होकर परमानंद (मोक्ष) प्राप्त करता है।#मोक्ष प्राप्ति#कर्म बंधन#अज्ञान नाश
रामचरितमानस — बालकाण्ड'एक अनीह अरूप अनामा। अज सच्चिदानंद परधामा' — किसका वर्णन?परब्रह्म/निर्गुण ब्रह्म — अद्वितीय, इच्छारहित, रूपरहित, नामरहित, अजन्मा, सच्चिदानन्द, परम धाम। वही ब्रह्म रामजी के रूप में अवतार लेते हैं।#बालकाण्ड#सच्चिदानंद#ब्रह्म
हिंदू दर्शनसच्चिदानंद का अर्थ क्या हैसच्चिदानंद = सत् (शाश्वत अस्तित्व) + चित् (शुद्ध चेतना/ज्ञान) + आनंद (परम सुख)। यह ब्रह्म और आत्मा का स्वरूप है। तैत्तिरीय उपनिषद — 'सत्यं ज्ञानमनन्तं ब्रह्म'। सरल अर्थ: मैं हूं + मैं जानता हूं + मैं आनंदित हूं = आत्मा का मूल स्वभाव।#सच्चिदानंद#ब्रह्म#वेदांत
सनातन सिद्धांतब्रह्म क्या है?ब्रह्म इस सारे विश्व का परम सत्य है। तैत्तिरीय उपनिषद के अनुसार 'सत्यं ज्ञानमनन्तं ब्रह्म' — ब्रह्म सत्य, ज्ञान और अनंत है। अद्वैत वेदांत के अनुसार 'ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या' — ब्रह्म ही एकमात्र परम सत्य है।#ब्रह्म#परब्रह्म#सच्चिदानंद