मंत्र ज्ञानगायत्री मंत्र का पूरा अर्थ क्या है शब्दशः?ऋग्वेद 3.62.10: 'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।' अर्थ: उस श्रेष्ठ परमात्मा (सविता) के दिव्य तेज का हम ध्यान करें, जो हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करे। ऋषि विश्वामित्र।#गायत्री मंत्र#ऋग्वेद#सावित्री
दिव्यास्त्रयमराज सत्यवान के प्राण लौटाने को क्यों विवश हुए?यमराज ने बिना सोचे तीसरा वरदान दे दिया — सत्यवान से सौ पुत्र। पतिव्रता स्त्री बिना पति के पुत्र नहीं पा सकती, इसलिए अपने वचन से बंधकर सत्यवान के प्राण लौटाने पड़े।#यमराज
दिव्यास्त्रसावित्री ने यमराज से कौन से तीन वरदान माँगे?सावित्री ने तीन वरदान माँगे — ससुर की नेत्र-ज्योति, खोया हुआ राज्य, और सत्यवान से सौ पुत्र। तीसरे वरदान से यमराज अपने वचन में फँस गए।#सावित्री#तीन वरदान#यमराज
दिव्यास्त्रसावित्री ने यमराज से सत्यवान के प्राण कैसे वापस लिए?सावित्री ने धर्म और दर्शन की ज्ञानपूर्ण बातों से यमराज को प्रभावित किया। बुद्धिमत्ता से तीन वरदान माँगकर यमराज को अपने ही वचन से बाँध दिया और सत्यवान के प्राण वापस लिए।#सावित्री#सत्यवान#यमराज
रामायण और महाभारत में माँ पार्वतीमहाभारत अनुशासन पर्व में शिव-पार्वती का क्या संवाद है?महाभारत अनुशासन पर्व (143वाँ अध्याय): पार्वती ने शिव से स्त्री-धर्म और गृहस्थ जीवन के नियम पूछे। शिव ने बताया: स्त्री का सबसे बड़ा धर्म = 'पातिव्रत्य' और करुणा। सावित्री ने इसी से यमराज से सत्यवान के प्राण वापस लिए।#अनुशासन पर्व#स्त्री धर्म#पातिव्रत्य
पौराणिक कथासावित्री ने यमराज से पति को कैसे वापस लायासावित्री ने यमराज का पीछा कर बुद्धि और तर्क से वरदान प्राप्त किए। अंतिम वर में तर्क दिया — 'पतिव्रता हूं, संतान पति बिना कैसे?' यम ने सत्यवान को जीवनदान दिया। शिक्षा: प्रेम + बुद्धि + दृढ़ संकल्प = मृत्यु पर विजय। नारी शक्ति का अद्भुत उदाहरण।#सावित्री#सत्यवान#यमराज