दिव्यास्त्रनारायणास्त्र कितनी बार चलाया जा सकता था?नारायणास्त्र एक युद्ध में केवल एक बार ही चलाया जा सकता था। यह नियम इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए था।#नारायणास्त्र#एक बार#नियम
लोकस्वर्लोक की ऊपरी और निचली सीमा क्या है?स्वर्लोक की निचली सीमा सूर्यमंडल के ऊपर से और ऊपरी सीमा ध्रुवलोक तक है। सूर्य के नीचे भुवर्लोक है और ध्रुव के ऊपर महर्लोक है।#स्वर्लोक#सीमा#सूर्य
लोकभुवर्लोक की ऊपरी सीमा कहाँ है और निचली सीमा कहाँ से शुरू होती है?भुवर्लोक की निचली सीमा पृथ्वी के वायुमंडल के ऊपर से और ऊपरी सीमा राहु ग्रह के नीचे तक है। इसके बीच सिद्धलोक, चारणलोक और विद्याधरलोक हैं।#भुवर्लोक#सीमा#राहु
ज्योतिष मार्गदर्शनरत्न पहनने से ग्रह दोष पूरी तरह ठीक होता है क्या?नहीं — रत्न सहायक, पूर्ण समाधान नहीं। शुभ ग्रह मजबूत करता, अशुभ पूरा शांत नहीं। सम्पूर्ण=रत्न+मंत्र+दान+सेवा+हवन+कर्म। बिना ज्योतिषी कभी न पहनें।#रत्न#ग्रह दोष#सीमा