लोकस्कन्द पुराण में एकादशी श्राद्ध फल क्या है?धन, धान्य, राजकृपा और कामना पूर्ति।#स्कन्द पुराण#धन धान्य#राजकृपा
लोकएकादशी श्राद्ध से राजकृपा मिलती है क्या?हाँ, राजकृपा का फल बताया गया है।#राजकृपा#स्कन्द पुराण#एकादशी श्राद्ध
पुराण माहात्म्यक्या भगवान शम्भु द्वितीया न करने पर कुपित होते हैं?हाँ, भगवान शम्भु यानी शिव द्वितीया श्राद्ध न करने पर कुपित होते हैं। स्कन्द पुराण के नागर खण्ड में स्पष्ट है कि जो मनुष्य द्वितीया पर अधिकार होने पर भी महालय श्राद्ध नहीं करता, कुपित शम्भु उसके ब्रह्म-वर्चस्व का सर्वथा नाश कर देते हैं और मृत्यु के बाद रौरव-कालसूत्र नरक प्रदान करते हैं। शम्भु यानी सुख देने वाले, कुपित होकर दुःख भी देते हैं।#शम्भु क्रोध#शिव कुपित#द्वितीया उल्लंघन
पुराण माहात्म्यब्रह्म-वर्चस्व क्या है?ब्रह्म-वर्चस्व वह दिव्य आत्मिक तेज है जो व्यक्ति को जीवन में सफलता, स्वास्थ्य, यश, और पुण्य देता है। ब्रह्म का अर्थ है परम और वर्चस् का अर्थ है तेज। यह अदृश्य परंतु शक्तिशाली आत्मिक ऊर्जा है। स्कन्द पुराण के अनुसार जो व्यक्ति द्वितीया श्राद्ध नहीं करता, भगवान शिव उसके ब्रह्म-वर्चस्व यानी तेज और पुण्य का सर्वथा नाश कर देते हैं।#ब्रह्म वर्चस्व#आत्मिक तेज#पुण्य शक्ति
पुराण माहात्म्यद्वितीया श्राद्ध से कौन सा लोक मिलता है?द्वितीया श्राद्ध से कैलास धाम की प्राप्ति होती है। स्कन्द पुराण के नागर खण्ड के अनुसार जो मनुष्य महालय की द्वितीया को भक्ति से श्राद्ध करता है, वह मृत्यु के बाद कैलास धाम प्राप्त करता है और भगवान शिव के गणों के साथ आनन्द पाता है। इस लोक में भी भगवान महेश्वर विपुल सम्पदा प्रदान करते हैं। यह द्वितीया श्राद्ध का सर्वोच्च पारलौकिक फल है।#कैलास प्राप्ति#द्वितीया फल#परलोक
पुराण माहात्म्यस्कन्द पुराण के नागर खण्ड में द्वितीया की क्या महिमा है?स्कन्द पुराण के नागर खण्ड अध्याय 230 में महर्षि व्यास ने महालय की द्वितीया श्राद्ध की महिमा गाई है। जो मनुष्य द्वितीया को पूर्ण भक्ति से श्राद्ध करता है, उससे भगवान भवानीपति महेश्वर यानी शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। वह श्राद्धकर्ता मृत्यु के बाद कैलास धाम प्राप्त करता है और शिव गणों के साथ आनन्द पाता है। इस लोक में भी विपुल सम्पदा मिलती है।#स्कन्द पुराण#नागर खण्ड#द्वितीया महिमा
लोकहाटकेश्वर शिवलिंग के नीचे क्या बताया गया है?हाटकेश्वर शिवलिंग और पाताल के नीचे अथाह जलराशि और उसके नीचे पचपन करोड़ घोर नरक बताए गए हैं।#हाटकेश्वर शिवलिंग नीचे#नरक#पाताल
लोकहाटकेश्वर शिवलिंग कितना बड़ा है?हाटकेश्वर शिवलिंग की ऊँचाई एक हजार योजन बताई गई है।#हाटकेश्वर शिवलिंग आकार#एक हजार योजन#स्कन्द पुराण
लोकहाटकेश्वर शिवलिंग किसने स्थापित किया?हाटकेश्वर शिवलिंग को ब्रह्मांड के कल्याण के लिए स्वयं भगवान ब्रह्मा ने पाताल में स्थापित किया।#हाटकेश्वर शिवलिंग#ब्रह्मा#स्कन्द पुराण
लोकहाटकेश्वर शिवलिंग क्या है?हाटकेश्वर शिवलिंग पाताल में ब्रह्मा द्वारा स्थापित भगवान शिव का विशाल दिव्य लिंग है।#हाटकेश्वर शिवलिंग#स्कन्द पुराण#वितल लोक