ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
पुराण माहात्म्य⏱ 5 मिनट पठन

द्वितीया श्राद्ध से कौन सा लोक मिलता है?

द्वितीया श्राद्ध से कैलास धाम की प्राप्ति होती है।

संक्षिप्त उत्तर

द्वितीया श्राद्ध से कैलास धाम की प्राप्ति होती है। स्कन्द पुराण के नागर खण्ड के अनुसार जो मनुष्य महालय की द्वितीया को भक्ति से श्राद्ध करता है, वह मृत्यु के बाद कैलास धाम प्राप्त करता है और भगवान शिव के गणों के साथ आनन्द पाता है। इस लोक में भी भगवान महेश्वर विपुल सम्पदा प्रदान करते हैं। यह द्वितीया श्राद्ध का सर्वोच्च पारलौकिक फल है।

📖

विस्तृत उत्तर

द्वितीया श्राद्ध से कैलास धाम की प्राप्ति होती है। शास्त्रीय आधार के अनुसार स्कन्द पुराण के नागर खण्ड के अनुसार वह श्राद्धकर्ता मृत्यु के पश्चात् निश्चित रूप से कैलास धाम को प्राप्त करता है और भगवान शिव के गणों के साथ मोद यानी आनन्द प्राप्त करता है।

कैलास धाम क्या है, इसका परिचय देखें। कैलास धाम भगवान शिव का परम निवास है। हिमालय में स्थित कैलास पर्वत पर भगवान शिव और देवी पार्वती का निवास माना जाता है। शैव परम्परा में कैलास सर्वोच्च धाम है, जहाँ पहुँचने पर जीवात्मा को परम आनन्द मिलता है।

कैलास प्राप्ति के लिए द्वितीया श्राद्ध क्यों विशेष है, इसका शास्त्रीय आधार है। स्कन्द पुराण मूलतः शैव पुराण है, जो भगवान शिव की महिमा गाता है। इसमें द्वितीया श्राद्ध के फल के रूप में कैलास की प्राप्ति बताई गई है। द्वितीया श्राद्ध से भगवान शिव विशेष प्रसन्न होते हैं, और प्रसन्न शिव अपने धाम यानी कैलास का द्वार खोल देते हैं।

कैलास में शिव गणों के साथ आनन्द का वर्णन भी स्कन्द पुराण में है। स कैलासमवाप्नोति शिवेन सह मोदते। यानी वह श्राद्धकर्ता कैलास प्राप्त करता है और शिव के साथ मोद यानी आनन्द पाता है। मोद का अर्थ है परम आनन्द, दिव्य हर्ष। यह केवल कैलास में निवास नहीं, बल्कि स्वयं भगवान शिव के साथ आनन्द का अनुभव है।

शिव गणों के साथ आनन्द का अर्थ भी विशेष है। शिव के गण अनेक हैं - भूत, प्रेत, पिशाच, यक्ष, किन्नर आदि। परंतु कैलास में शिव के दिव्य गण हैं, जो भक्त और परम ज्ञानी हैं। द्वितीया श्राद्धकर्ता इन्हीं दिव्य गणों के साथ कैलास में आनन्द प्राप्त करता है।

कैलास प्राप्ति का पारलौकिक महत्व अत्यंत गहरा है। सनातन धर्म में मोक्ष के अनेक द्वार बताए गए हैं। काशी में मरने से मोक्ष मिलता है, तीर्थ-यात्रा से पुण्य मिलता है, परंतु केवल द्वितीया श्राद्ध से कैलास की प्राप्ति होती है। यह एक अत्यंत विशिष्ट और सर्वोच्च पारलौकिक फल है।

द्वितीया श्राद्ध से इस लोक में विपुल सम्पदा भी मिलती है। विपुलां सम्पदं तस्मै प्रीतो दद्यान्महेश्वरः। यानी प्रसन्न होकर भगवान महेश्वर यानी शिव उसे विपुल सम्पदा प्रदान करते हैं। यानी कैलास प्राप्ति केवल परलोक के लिए नहीं, इस लोक में भी विपुल सम्पदा का साधन है।

विपुल सम्पदा का अर्थ देखें। विपुल का अर्थ है प्रचुर, असीमित। सम्पदा का अर्थ है सम्पत्ति, वैभव, समृद्धि। विपुल सम्पदा यानी प्रचुर और असीमित समृद्धि। यह केवल धन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, परिवार, शांति - सब प्रकार की समृद्धि है।

भगवान शिव की प्रसन्नता का विशेष कारण भी है। द्वितीया तिथि पर यमराज का विशेष आधिपत्य रहता है। यमराज मृत्यु के देवता हैं, और पितर उनके अधीन हैं। जब कर्ता द्वितीया पर श्राद्ध करके पितरों को तृप्त करता है, तो यमराज प्रसन्न होते हैं। शिव के शासन में यमराज भी आते हैं, इसलिए द्वितीया श्राद्ध से शिव भी प्रसन्न होते हैं।

कैलास के अलावा अन्य लोकों का वर्णन भी श्राद्ध शास्त्र में है। याज्ञवल्क्य स्मृति 1.270 के अनुसार श्राद्ध से स्वर्गं यानी स्वर्गलोक और मोक्षं यानी मोक्ष भी मिलता है। परंतु स्कन्द पुराण के अनुसार द्वितीया श्राद्ध का विशेष फल कैलास धाम है, जो शैव परम्परा में सर्वोच्च लोक है।

इस महिमा का व्यावहारिक संदेश यह है कि द्वितीया श्राद्ध करने से दोनों लोकों का लाभ मिलता है। इस लोक में विपुल सम्पदा, और परलोक में कैलास धाम। यह श्राद्ध का सर्वोच्च पारलौकिक और ऐहिक फल है।

द्वितीया श्राद्ध न करने का दण्ड भी विशेष है। जो मनुष्य द्वितीया को महालय का श्राद्ध नहीं करता, उसके ब्रह्म-वर्चस्व का नाश होता है, और मृत्यु के बाद रौरव और कालसूत्र नरकों की यातना मिलती है। यह दण्ड कैलास प्राप्ति के विपरीत छोर है, जो द्वितीया श्राद्ध की अनिवार्यता को सिद्ध करता है। शास्त्रीय आधार के रूप में स्कन्द महापुराण नागर खण्ड अध्याय 230 इस सिद्धांत का प्रमुख प्रामाणिक स्रोत है। निष्कर्षतः द्वितीया श्राद्ध से कैलास धाम की प्राप्ति होती है। यह भगवान शिव का परम निवास है। श्राद्धकर्ता मृत्यु के बाद कैलास प्राप्त करता है, शिव गणों के साथ आनन्द पाता है, और इस लोक में भी विपुल सम्पदा प्राप्त करता है।

🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

कैलास प्राप्तिद्वितीया फलपरलोकस्कन्द पुराण
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

द्वितीया श्राद्ध से कौन सा लोक मिलता है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको पुराण माहात्म्य से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#कैलास प्राप्ति#द्वितीया फल#परलोक#स्कन्द पुराण